- ओडिशा के खनन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देवव्रत मोहंती के फ्लैट से 4.27 करोड़ नकद और 130 ग्राम सोना जब्त किया
- मोहंती के नाम पर दस बैंक खाते और लॉकर हैं जिनकी जांच चल रही है तथा उनके पास मकान निर्माण के लिए जमीन भी है
- मोहंती के ऊपर 2009 में भ्रष्टाचार का केस दर्ज है जो अभी भी अदालत में विचाराधीन है
ओडिशा के खनन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देवव्रत मोहंती के भुवनेश्वर स्थित फ्लैट पर बुधवार को विजिलेंस डिपार्टमेंट ने छापा मारा. इस छापेमारी में 4.27 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है. छापेमारी में 130 ग्राम सोना भी जब्त किया गया है. विजिलेंस डिपार्टमेंट की ओर से की गई ये अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है. अधिकारियों ने बताया कि मोहंती के नाम पर 10 बैंक खाते और लॉकर भी हैं, जिनकी जांच की जा रही है. उनके पास 2,400 वर्ग फीट की जमीन भी है, जिस पर मकान बन रहा है.
विजिलेंस डिपार्टमेंट के डायरेक्टर यशवंत जेठवा ने बताया कि राज्य में ये अब तक की सबसे ज्यादा नकद जब्ती है. एसपी सरोज कुमार सामल ने बुधवार शाम को बताया था कि अब तक 4.27 करोड़ रुपये की नकदी की गिनती की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि मोहंती के ऊपर 2009 में भी भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया था और मामला अभी अदालत में है.
छापेमारी के दौरान नकदी मिलना वैसे तो नई बात नहीं है. लेकिन कई बार छापेमारी में इतनी नकदी मिलती है कि उन्हें गिनने के लिए मशीनें कम पड़ जाती हैं और अफसर थक जाते हैं. जानते हैं कि ऐसी ही 5 बड़ी छापेमारी के बारे में.
1. आजाद भारत की सबसे बड़ी छापेमारी
1981 में कानपुर के कारोबारी और पूर्व सांसद इंदर सिंह के घर पर छापेमारी हुई थी. इस छापेमारी में आयकर विभाग के 90 से ज्यादा अधिकारी और 200 पुलिसकर्मी शामिल थे. इस छापेमारी में उनके घर से 1.60 करोड़ कैश और 87 किलो सोना बरामद हुआ था. इनके अलावा, 8 लाख रुपये के गहने और 1.85 लाख रुपये के सिक्के भी बरामद हुए थे. नोटों की गिनती के लिए आरबीआई के 45 लोगों की एक टीम को लगाया गया था. गिनती लगभग 18 घंटे तक चली थी. इसे उस वक्त आजाद भारत की सबसे बड़ी छापेमारी माना गया था. इसी मामले से प्रेरित होकर अजय देवगन की 'रेड' फिल्म बनी थी.
2. 2023 में 350 करोड़ से ज्यादा नकदी मिली
6 दिसंबर 2023 को आयकर विभाग ने कारोबारी और कांग्रेस नेता धीरज साहू के ठिकानों पर छापा मारा. ये छापेमारी झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में धीरज साहू के 9 ठिकानों पर की गई थी. इस छापेमारी में 351 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी मिली थी. इस नकदी को गिनने के काम के लिए इनकम टैक्स और अलग-अलग बैंकों की करीब 80 अधिकारियों की 9 टीमें जुटी थीं. बताया गया था कि नोट गिनने के लिए 40 मशीनों का इस्तेमाल किया गया था. इस नकदी को बैग में भरकर ट्रकों से ले जाया गया था.
3. इत्र कारोबारी के घर से 207 करोड़ मिले थे
कन्नौज के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर आयकर विभाग ने दिसंबर 2021 में रेड डाली थी. इस छापेमारी में 196 करोड़ की नकदी और 23 किलो सोना जब्त किया गया था. उसे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था. ये चौंकाने वाला था क्योंकि पीयूष जैन खुद एक पुरानी स्कूटर पर चलता था. मई 2023 में डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस ने उसे 497 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया था. मार्च 2024 में पीयूष जैन इस मामले में बरी हो गया था.
4. सहारा समूह के ठिकानों से मिले थे 135 करोड़
नवंबर 2014 में सहारा समूह के दफ्तरों पर आयकर विभाग ने छापा मारा था. ये छापेमारी दिल्ली और नोएडा स्थित दफ्तरों पर की गई थी. इस छापेमारी में 135 करोड़ रुपये नकद और 1 करोड़ की कीमत के गहने मिले थे. ये भी देश की सबसे बड़ी छापेमारी में से एक है. इसी छापेमारी के बाद सहारा समूह की मुश्किलें बढ़नी शुरू हुई थीं और सहारा समूह के मालिक सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया था.
5. आरक्षक के यहां से 93 करोड़ कैश जब्त
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के ठिकानों पर लोकायुक्त ने दिसंबर 2024 में छापेमारी की थी. इस दौरान लोकायुक्त ने 8 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी, जिसमें 2.87 करोड़ रुपये की नकदी शामिल थी. इसके अलावा, आयकर विभाग ने भोपाल के बाहरी इलाके में एक कार से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश और 50 किलो से ज्यादा सोना जब्त किया था. इसका संबंध भी शर्मा के मामले से था. अप्रैल 2025 में शर्मा को जमानत मिल गई थी.














