यूपी में खुलने वाले हैं 3 बड़े एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-प्रयागराज से कानपुर तक 20 शहरों को फायदा, 12 लिंक एक्सप्रेसवे भी बनेंगे

Expressway in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है. यहां जल्द ही गंगा एक्सप्रेसवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जल्द होने वाला है. जबकि एक दर्जन लिंक एक्सप्रेसवे भी बनने वाला है.

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Ganga Expressway in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे
लखनऊ:

Expressway in UP: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का बड़ा नेटवर्क तैयार हो रहा है. तीन एक्सप्रेसवे में तो कुछ ही महीनों में वाहन पूरी तरह से फर्राटा भरने लगेंगे. गंगा एक्सप्रेसवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे और गाजीपुर-बलिया एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जल्द ही होने वाला है. यूपी में 22 एक्सप्रेसवे का नया ग्रिड तैयार किया गया है.  इसमें कुछ बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हैं और कुछ लिंक एक्सप्रेसवे जो बड़े राजमार्ग को जोड़ते हैं. जबकि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी यूपी में रफ्तार पकड़ने वाले हैं. दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों को भी यूपी के इन एक्सप्रेसवे से बड़ा फायदा मिलेगा.

गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जल्द

गंगा एक्सप्रेसवे में मेरठ,हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं,  शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ (Pratapgarh) और प्रयागराज जिले आते हैं. गंगा एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे का 96% से अधिक काम पूरा हो चुका है. इस पर FASTag टोल सिस्टम का सफल परीक्षण हो चुका है. इसे मार्च में पूरी तरह खोला जा सकता है. अभी 

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कब चालू होगा

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (जिसे National Expressway 6 या NE-6 भी कहा जाता है) की लंबाई लगभग 63 किमी है. यह 6-लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है. लखनऊ से कानपुर जाने में 2.5 से 3 घंटे लगते हैं, जो 35 से 45 मिनट में पूरा होगा. इसमें करीब 18-19 किमी लंबा एलिवेटेड रोड शामिल है, जो इसे यूपी का सबसे लंबा एलिवेटेड सेक्शन वाला एक्सप्रेसवे बनाता है. भारतमाला परियोजना चरण में इसकी लागत 4700 करोड़ करीब है. इसे मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते में होली या अप्रैल में चालू किया जा सकता है.
लखनऊ के स्कूटर इंडिया चौराहे के पास का आखिरी चरण का काम चल रहा है. 

Expressway in Uttar Pradesh

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे: UP का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे

यह यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway) है, जो करीब 750 किमी होगा. यह 22 जिलों से गुजरेगा और पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वांचल से जोड़ेगा. इसका निर्माण 2026-27 में शुरू होना है.गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की डीपीआर (DPR) पूरी हो चुकी है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. पीलीभीत के 41 गांवों सहित कई जिलों में जमीन चिन्हित कर ली गई है।. इसका मुख्य निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में शुरू होने वाला है.

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दिल्ली-देहरादून हाईवे का उद्घाटन 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का एक हिस्सा भी यूपी से गुजरेगा. 210 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेसवे 6-लेन का है. दिल्ली से देहरादून जाने में 6-7 घंटे का सफर मात्र 2.5 से 3 घंटे में पूरा होगा. इस एक्सप्रेसवे में12 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरता है. यह गाजियाबाद, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी गुजरता है.

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गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस-वे

गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे (Ghaziabad-Kanpur Expressway) भी एक ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर है जो पश्चिमी यूपी को सेंट्रल यूपी से सीधे जोड़ेगा.लगभग 380 किलोमीटर का ये 4 लेन एक्सप्रेसवे है, जो 6 लेन में बढ़ाया जा सकता है. इससे गाजियाबाद से कानपुर तक सफर 8-9 घंटे की बजाय 5 से साढ़े पांच घंटे में तय होगा. ये एक्सप्रेसवे गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर तक जाएगा. एक छोर NH-9 (गाजियाबाद-हापुड़ हाईवे) से शुरू होगा. दूसरा दक्षिणी छोर कानपुर-उन्नाव के पास निर्माणाधीन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इसे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida Airport) से भी जोड़ने की योजना है.

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नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे

नोएडा एक्सप्रेसवे जेवर (Noida International Airport) के पास से गुजरेगा. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से लिंक होगा. ये ग्रेटर नोएडा और नोएडा के लोग यमुना एक्सप्रेसवे या पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (WPE) के जरिए इस नए कानपुर एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे. नोएडा से कानपुर जाने के लिए अभी यमुना एक्सप्रेसवे और फिर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का सहारा लेना पड़ता है.  इस नए रूट से दूरी और समय दोनों लगभग 25-30% कम हो जाएंगे. 380 किमी का ये 4 लेन ग्रीनफील्ड है. जेवर एक्सप्रेसवे से होते हुए गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव और कानपुर तक जाएगा. NH-9 गाजियाबाद-हापुड़ बॉर्डर से शुरू होकर ये लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा.

यूपी से पड़ोसी राज्यों तक तेज रफ्तार
 

यूपी में एक दर्जन से ज्यादा लिंक एक्सप्रेसवे का काम भी रफ्तार पकड़ने वाला है. इससे यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक पड़ोसी राज्यों को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश बजट में भी 15 हजार करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के लिए आवंटित किए हैं. नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद कानपुर एक्सप्रेसवे का काम भी शुरू होने वाला है.

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