- ममता बनर्जी ने चुनाव में हार को स्वीकार नहीं किया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से साफ इंकार किया है
- उन्होंने चुनाव आयोग पर गड़बड़ी और टीएमसी के वोटों की चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव परिणाम को चुनौती दी है
- सुवेंदु अधिकारी ने ममता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संविधान में सब कुछ स्पष्ट रूप से लिखा है
पश्चिम बंगाल की मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम के बाद मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मैं इस चुनाव में हारी नहीं हूं इसलिए मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने की बात ही नहीं है. मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव के दौरान आयोग पर खुलेआम गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने टीएमसी के वोटों की चोरी का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि वो हारी नहीं हैं उन्हें हराया गया है. ऐसे में वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी. उनके इस बयान को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराने वाले सुवेंदु अधिकारी ने उनके इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वो (ममता बनर्जी) क्या कह रही हैं वो मुझे नहीं पता है. लेकिन मैं तो सिर्फ इतना कहूंगा कि सब कुछ संविधान में लिखा हुआ है. इससे ज्यादा मुझे कुछ भी कहने की कोई जरूरत नहीं है.
ममता बनर्जी के इस्तीफा ना देने वाले बयान पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ममता बनर्जी अपरिपक्व और बचकानी चीजें कर रही हैं, ऐसा बर्ताव करना उनकी फितरत रही है. खेला तो खत्म होना ही था. सूबे का अगला सीएम कौन होगा इसे लेकर दिलीप घोष ने कहा कि BJP का CM चुनने का अपना तरीका है. यह हमेशा कोई ऐसा व्यक्ति होता है जिसकी आप उम्मीद नहीं करते और जो एक सरप्राइज़ फैक्टर होता है.
आपको बता दें कि 15 साल बाद मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और साफ कह दिया है कि वो सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगीं. अब ऐसे में सवाल है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? अगर वाकई ममता अपना इस्तीफा नहीं देती हैं तो आगे नया सीएम कैसे चुना जाएगा? आइए जानते हैं कि इसे लेकर नियम क्या हैं और राज्यपास के पास ऐसे में कौन सी शक्तियां होती हैं.
सीएम इस्तीफा नहीं दे तो क्या होगा?
अगर कोई सीएम इस्तीफा नहीं देता है तो ऐसे में राज्यपाल के पास विशेष शक्तियां होती हैं. राज्यपाल पहले हारे हुए सीएम से इस्तीफा मांग सकते हैं और इनकार करने पर वो विधानसभा को तुरंत भंग करने का आदेश जारी कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं. अगर मुख्यमंत्री की तरफ से कोई कदम उठाया जाता है या फिर कोई बड़ा संकट खड़ा होता है तो ऐसे में राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं. राज्यों में संवैधानिक मशीनरी की विफलता के मामले में ऐसा होता है. हालांकि पश्चिम बंगाल के मामले में चुनावी नतीजे आ चुके हैं और ऐसे में साफ हो चुका है कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी.
कैसे बनेगी नई सरकार?
राज्यपाल के पास अनुच्छेद 164 के तहत राज्य में नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने और उसे शपथ दिलवाने की शक्ति होती है. चुनाव में हारने वाली सरकार और सीएम की बर्खास्तगी के बाद राज्यपाल विधायक दल के नेता को मुख्यमंत्री चुन सकते हैं, जिसके बाद नई सरकार बन सकती है. यानी भले ही ममता बनर्जी इस्तीफा न दें, लेकिन वो जनादेश के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम नहीं रह सकती हैं.
यह भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार, जानें पश्चिम बंगाल में अब कैसे बनेगी नई सरकार
यह भी पढ़ें: मैं चुप नहीं बैठूंगी... ममता बनर्जी ने बंगाल में हार के बाद बता दिया अपना इंडिया गठबंधन प्लान













