यूरोपीय संघ और जर्मनी ने कहा, कोरोना के इस महासंकट में भारत की मदद को तैयार

भारत में रोजाना 3.5 लाख मामलों के कारण अस्पतालों समेत पूरे हेल्थकेयर सिस्टम पर भारी दबाव है. ऑक्सीजन, दवा और कोविड बेड की भारी किल्लत का सामना अस्पताल कर रहे हैं. 

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India के अस्पताल ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना कर रहे हैं. (फाइल) 
नई दिल्ली:

यूरोपीय संघ (European Union) ने कहा है कि हम भारत को सहयोग के लिए जोरशोर से प्रयास करेंगे. यूरोपीय आयुक्त (आपदा प्रबंधन)  जेनेज लेनारकिक ने यह ट्वीट किया.यूरोपीय संघ के अलावा जर्मनी और इजराइल ने भी भारत को कोरोनावायरस की दूसरी लहर का मुकाबला करने में हर संभव मदद का वादा किया है. भारत में रोजाना 3.5 लाख मामलों के कारण अस्पतालों समेत पूरे हेल्थकेयर सिस्टम पर भारी दबाव है. ऑक्सीजन, दवा और कोविड बेड की भारी किल्लत का सामना अस्पताल कर रहे हैं. 

यूरोपीय संघ के अलावा जर्मनी और इजराइल ने भी भारत को कोरोनावायरस की दूसरी लहर का मुकाबला करने में हर संभव मदद का वादा किया है. भारत में रोजाना 3.5 लाख मामलों के कारण अस्पतालों समेत पूरे हेल्थकेयर सिस्टम पर भारी दबाव है. ऑक्सीजन, दवा और कोविड बेड की भारी किल्लत का सामना अस्पताल कर रहे हैं. 

यूरोप मार्च के बाद से ही लगातार भारत में कोरोना की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. मदद का यह भरोसा ऐसे वक्त आया है, जब भारत में लगातार चौथे दिन 3 लाख से ज्यादा कोरोना के नए केस दर्ज हुए हैं.  यूरोपीय आयुक्त (आपदा प्रबंधन)  जेनेज लेनारकिक (Janez Lenarcic, the European Commissioner for Crisis Management) ने ट्वीट कर कहा कि भारत के सहायता के अनुरोध पर यूरोपीय संघ ने ईयू सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म को सक्रिय कर दिया है. यूरोपीय संघ भारत की मदद के लिए तेजी से अपने सारे संसाधन जुटाएगी. ऑक्सीजन और दवा की आपातकालीन जरूरतों के लिए सहायता की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है. 

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