पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बुधवार को हुआ. इसके साथ ही पांच राज्यों के चुनाव में मतदान पूरा हो गया. इस चुनाव की मतगणना चार मई को होगी. इसकी तैयारियों को चुनाव अधिकारी अंतिम रूप दे रहे हैं. मतगणना केंद्रों पर अवैध लोगों का प्रवेश रोकने के लिए चुनाव आयोग ने क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र जारी करेगा. इससे पहले चुनाव आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए इसी तरह के कार्ड जारी किए थे. चुनाव आयोग ने पिछले करीब एक साल में इस तरह के करीब 30 पहल की हैं.
चुनाव आयोग ने क्या व्यवस्था की है
केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मतगणना केंद्रों पर फोटो पहचान पत्रों की प्रमाणिकता की जांच के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी.पहले और दूसरे चरण में चुनाव अधिकारी की ओर से जारी फोटो पहचान पत्र की जांच मैनुअल तरीके से भी की जा सकती है. वहीं तीसरे चक्र में मतगणना केंद्र में प्रवेश से पहले क्यूआर कोड के सफल वेरिफिकेशन के बाद ही एजेंटों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश करने दिया जाएगा.
क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र चुनाव आयोग की ओर से मतगणना केंद्रों में प्रवेश के लिए अधिकृत किए गए चुनाव अधिकारी, सहायक चुनाव अधिकारी, मतगणना में शामिल सरकारी कर्मचारी, तकनीकी कर्मचारी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और काउंटिंग जैसे लोग शामिल हैं.
कहां बनाया जाएगा मीडिया सेंटर
आयोग की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि हर काउंटिंग सेंटर के काउंटिंग हाल के पास एक मीडिया सेंटर बनाया जाएगा, जहां अधिकृत मीडियाकर्मियों को प्रवेश दिया जाएगा. ये मीडियाकर्मी चुनाव आयोग की ओर से जारी पत्र के आधार पर ही मीडिया सेंटर में प्रवेश कर पाएंगे.
चुनाव आयोग ने सभी मुख्य चुनाव अधिकारियों, जिला चुनाव अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पारदर्शिता, सुरक्षा और कुशलता बनाए रखने के लिए इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.
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