दिल्ली मेट्रो से सातों महाद्वीपों तक, डॉ. ऋषि राज की अद्भुत यात्रा

जानिए दिल्ली मेट्रो के एडिशनल जीएम डॉ. ऋषि राज की प्रेरक कहानी, जिन्होंने सातों महाद्वीपों और भारत के सभी राज्यों की यात्रा की है.

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दिल्ली मेट्रो की भागदौड़ भरी लाइफ, टनल के भीतर दौड़ती ट्रेनें और लाखों यात्रियों का बोझ एक आम इंसान के लिए यह सिर्फ एक ड्यूटी हो सकती है, लेकिन डॉ. ऋषि राज के लिए यह उनके उस जुनून की शुरुआत है जो उन्हें दुनिया के सात महाद्वीपों तक ले गई.

Dr. Rishi Raj

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में अतिरिक्त महाप्रबंधक (ऑपरेशन्स) के पद पर तैनात डॉ. ऋषि राज ने वो कर दिखाया है, जो किसी भी ट्रैवलर के लिए एक सपने जैसा होता है. उन्होंने ना केवल दुनिया के सभी 7 महाद्वीपों पर कदम रखे हैं, बल्कि भारत के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा की है.

वो मोड़ जिसने जीवन बदल दिया

डॉ. ऋषि राज की यात्राएं सिर्फ जगह देखने भर की नहीं रही हैं, बल्कि यह उनके सेवा, अध्यात्म और लेखन का मेल है. साल 2012 में कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा ने उनकी सोच बदल दी. यह यात्रा उनके लिए एक आध्यात्मिक मोड़ था, जिसने उन्हें सिर्फ घूमने से आगे बढ़कर यह समझने पर प्रेरित किया कि वह क्यों यात्रा करते हैं और इन अनुभवों को लिखना क्यों जरूरी है.

Dr. Rishi Raj

डॉ. राज भारतीय यात्रा साहित्य में एक प्रमुख आवाज बन गए हैं. उनकी किताबें भारत के भूले-बिसरे इतिहास, आजादी के वीरों, शहीदों और प्राचीन मंदिरों की कला व संस्कृति पर आधारित हैं. अपने अनुभवों और इतिहास को जोड़कर वह आधुनिक भारत को उसकी जड़ों से जोड़ने की कोशिश करते हैं.

डॉ. राज के शानदार काम को कई सम्मान मिले हैं. उन्होंने पर्यटन मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले “राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार” 4 बार जीता है, जो उत्कृष्ट यात्रा लेखन के लिए दिया जाता है.

डॉ. राज के लिए यात्रा आत्मा और दुनिया के बीच एक सेतु है. चाहे वह 17 देशों में घूम रहे हों या हिमालय के कठिन इलाकों में उनका उद्देश्य अपनी आध्यात्मिक और ऐतिहासिक जड़ों से जुड़े रहकर भारत के युवाओं को दुनिया को देखने के लिए प्रेरित करना है. उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि पेशेवर ज़िम्मेदारी और निजी जुनून साथ–साथ चल सकते हैं और मिलकर एक प्रेरणादायक विरासत बना सकते हैं.
 

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