मोबाइल डेटा, हार्डडिस्क और बदले की आग, दिल्ली पुलिस ने बताया 20 साल की लड़की ने क्यों कर दी बॉयफ्रेंड की हत्या

जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के डिवाइस से 15 से ज्यादा अश्लील वीडियो और 50 से अधिक फोटोज़ बरामद किए. इनमें कुछ वीडियो आरोपी अमृता चौहान के खुद के थे.

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  • दिल्ली के गांधी विहार में लगी आग को गैस सिलेंडर ब्लास्ट नहीं बल्कि एक साइंटिफिक मर्डर की घटना थी
  • मृतक रामकेश मीणा के मोबाइल और हार्डडिस्क से 15 अश्लील वीडियो और 50 से अधिक फोटो बरामद हुए हैं
  • आरोपी अमृता चौहान ने हत्या की साजिश रची और ब्लैकमेल कर रामकेश से वीडियो डिलीट करने को कहा था
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नई दिल्ली:

दिल्ली के गांधी विहार में लगी आग की कहानी अब पूरी तरह बदल चुकी है. जिसे अब तक ‘गैस सिलेंडर ब्लास्ट' समझा जा रहा था, वह दरअसल बदले की कार्रवाई में एक ‘साइंटिफिक मर्डर' था  जिसे रचा था एक फॉरेंसिक साइंस की छात्रा ने.दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) रवींद्र यादव ने बताया कि मृतक रामकेश मीणा की हार्डडिस्क और मोबाइल से कई अहम सबूत मिले हैं, जिन्होंने इस पूरे केस की साजिश को बेनकाब कर दिया.

हार्डडिस्क में मिले 15 अश्लील वीडियो, जिनमें कुछ खुद अमृता के थे

जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के डिवाइस से 15 से ज्यादा अश्लील वीडियो और 50 से अधिक फोटोज़ बरामद किए. इनमें कुछ वीडियो आरोपी अमृता चौहान के खुद के थे. अमृता ने पूछताछ में कबूला कि वह लगातार रामकेश से अपने वीडियो डिलीट करने को कह रही थी, लेकिन जब वह नहीं माना, तो उसने हत्या की प्लानिंग शुरू की. रामकेश को ब्लैकमेल और एक्सपोज होने का डर दिखाकर वह पहले उससे जुड़ाव बनाए रखी, फिर धीरे-धीरे उसकी हत्या की साजिश रच डाली.

‘क्राइम पेट्रोल' और वेब सीरीज से लिया इंस्पिरेशन

अमृता कोई आम लड़की नहीं थी. वह फॉरेंसिक और कंप्यूटर साइंस की छात्रा थी, जिसने अपराध विज्ञान को किताबों में नहीं, बल्कि उसे प्रयोग में उतारा. वह ‘क्राइम पेट्रोल' और कई क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज़ की शौकीन थी. इन्हीं से उसने सीखा कि कैसे अपराध के बाद सबूत मिटाए जा सकते हैं.अमृता ने अपने दो साथियों सुमित कश्यप (एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर) और संदीप कुमार (एसएससी अभ्यर्थी) के साथ मिलकर यह खौफनाक प्लान बनाया.

आग से मिटाने की थी कोशिश, लेकिन विज्ञान ने ही खोल दी पोल

5 अक्टूबर की रात तीनों गांधी विहार पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, पहले रामकेश की गला दबाकर हत्या की गई, फिर कमरे में घी, तेल और वाइन डालकर आग लगाई गई. अमृता ने सोचा कि छोटे कमरे में गैस फैलने से सिलेंडर आधे घंटे बाद फटेगा, ताकि वे निकल सकें. लेकिन सिलेंडर 12 मिनट में ही फट गया, और यही गलती उसके झूठ की सबसे बड़ी गवाही बन गई. अमृता ने क्राइम सीन से कोई सबूत न छोड़े फिंगरप्रिंट तक मिटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की तकनीकी टीम ने मोबाइल डेटा, सीसीटीवी और हार्डडिस्क एनालिसिस से हर परत खोल दी.

दिल्ली पुलिस ने की स्मार्ट जांच

दिल्ली पुलिस की तिमारपुर टीम ने लोकेशन ट्रैकिंग से आरोपी अमृता को 18 अक्टूबर को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया. इसके बाद उसके दोनों साथी सुमित और संदीप भी 23 अक्टूबर तक पकड़ लिए गए. अमृता के घर से हार्ड डिस्क, मृतक की शर्ट और एक ट्रॉली बैग बरामद हुआ, जिसमें हत्या से जुड़ी वस्तुएं थीं.

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