- दिल्ली के मंगोलपुरी थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग लालू को पार्क में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई है
- मृतक लालू सिगरेट देने से इनकार करने पर 3-4 नाबालिगों द्वारा ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला किया गया था
- पुलिस ने मामले के तीनों नाबालिग आरोपियों को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया है और चाकू बरामद किया है
राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी थाना क्षेत्र में एक बार फिर चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पुलिस बूथ से महज 30 मीटर दूर स्थित एक पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 17 वर्षीय लालू के रूप में हुई है.
क्या है पूरी घटना?
घटना के बारे में पता चला है कि मृतक लालू देर शाम बाथरूम के लिए पास के पार्क में गया था. पार्क में अंधेरा था और वहां पहले से 3-4 नाबालिग लड़के मौजूद थे. आरोप है कि उन्होंने लालू से सिगरेट मांगी. जब लालू ने सिगरेट देने से इनकार किया तो सभी युवक भड़क गए और उस पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया. हमले में लालू गंभीर रूप से घायल हो गया है. शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत मंगोलपुरी के ही संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने अपना दम. घटना की सूचना मिलते ही मंगोलपुरी थाना पुलिस और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.
दिल्ली में बढ़ रहा क्राइम का ग्राफ
लालू अपने रिश्तेदार के यहां घूमने आया था.उन्होंने ही उसकी मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मृतक लालू की यहां न तो किसी से कोई दोस्ती थी और न ही किसी से कोई दुश्मनी थी. वहीं जिले के DCP सचिन शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वारदात में शामिल सभी 3 आरोपियों को घटना के कुछ ही देर बाद पकड़ लिया गया, और सभी आरोपी भी नाबालिग हैं. शुरुआती जांच में मामला आपसी विवाद और मामूली कहासुनी से जुड़ा प्रतीत हो रहा था हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. साथ ही वारदात में इस्तेमाल चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया है. अब सारेराह पुलिस बूथ से महज चंद कदमों की दूरी पर हुए इस हत्याकाण्ड के बाद से लोगों में डर और दहशत का माहौल है. अब लोग कह रहे हैं कि आखिर दिल्ली में क्राइम का ग्राफ लगातार क्यों बढ़ता ही जा रहा है.
मंगोलपुरी थाना पुलिस केस अर्ज कर आगे कि तफ्तीश में जुट गई है, लेकिन पुलिस बूथ के इतनी नजदीक होने के बाद भी हुई इस सनसनीखेज वारदात ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि साफ है कि दिल्ली के अपराधियों को न तो कानून का कोई डर है और न ही पुलिस का कोई खौफ. वहीं बड़ा सवाल है कि क्या दिल्ली में किसी इंसान की जिंदगी की कीमत अब एक महज एक सिगरेट से भी कम हो गई है?














