दिल्ली सरकार ने नमो भारत यानी रैपिड रेल और दिल्ली मेट्रो के लिए बजट में दिल खोलकर पैसा दिया है.दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने दो और दिल्ली-SNB-अलवर और दिल्ली-पानीपत-सोनीपत रैपिड रेल यानी नमो भारत कॉरिडोर के बजट को भी मंजूरी दे दी है. इसके लिए भी 568 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड ने आठ रूट पर रैपिड रेल चलाने की सिफारिश की है. इसमें नमो भारत के तीन प्रॉयरिटी कॉरिडोर में दिल्ली-मेरठ के बाद दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-अलवर रूट रैपिड रेल कॉरिडोर शामिल हैं. ये तीनों ही दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होंगे. इससे हरियाणा के 10 बड़े शहर दिल्ली के सराय काले खां के जरिये हाईस्पीड नेटवर्क से जुड़ेंगे. सराय काले खां से नमो भारत यात्री मेरठ, गाजियाबाद रूट पर भी आ-जा पाएंगे.
दिल्ली मेट्रो को भी बंपर बजट
दिल्ली के बजट में दिल्ली मेट्रो के चौथे और पांचवें चरण की मेट्रो परियोजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 2885 करोड़ आवंटित किए हैं. फेज 4 के तहत रिठाला, नरेला, जनकपुरी वेस्ट, आरके आश्रम और मुकुंदपुर-मौजपुर मेट्रो लाइन का विस्तार होगा. फेज 5 के तहत आश्रम से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट टर्मिनल 1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज मेट्रो रूट बनेगा. दिल्ली मेट्रो का अभी नेटवर्क 352 किलोमीटर का है, इसमें 58 किमी एरिया एनसीआर यानी नोएडा, गाजियाबाद के शहरों तक है. जबकि 22 किलोमीटर की एयरपोर्ट लाइन है. चौथा चरण पूरा होते ही एनसीआर में मेट्रो लाइन कुल 463 किलोमीटर की ही हो जाएगा.
दिल्ली-गुड़गांव-बावल (दिल्ली-अलवर कॉरिडोर का हिस्सा)
दिल्ली (सराय काले खान) - बावल नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली-गुड़गांव-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर का हिस्सा है. इसकी कुल लंबाई 93.12 किमी है. यह कॉरिडोरसराय काले खान से आईएनए, मुनीरका और एयरोसिटी स्टेशनों से गुजरेगा. फिर एनएच-48 के पास हरियाणा में प्रवेश करते हुए साइबर सिटी से होकर गुजरता है. यह नेशनल हाईवे-48 को कई स्थानों पर पार करता है. हरियाणा के इसके प्रमुख स्टेशनों में इफ्को चौक, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, खेरकी दौला, मानेसर, पंचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेरा और अंत में बावल शामिल हैं. फिर ये राजस्थान के अलवर तक जाएगा. एमबीआईआर और रेवाड़ी में भी स्टेशन बन सकते हैं. 2032 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा.
दिल्ली-गुरुग्राम नमो भारत कॉरिडोर में 13 स्टेशन
दिल्ली-एसएनबी नमो भारत RRTS कॉरिडोर की मूल डीपीआर की परियोजना लागत 37,987 करोड़ और इसमें दिल्ली का हिस्सा 3,261 करोड़ है.इसे दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा सरकार की मंजूरी मिल चुकी है. मूल डीपीआर के अनुसार इस रैपिड रेल रूट की लंबाई 107 किमी थी, जिसमें 16 नमो भारत आरआरटीएस स्टेशन थे. संशोधित डीपीआर में रूट की लंबाई 93.12 किमी है, जिसमें 13 नमो भारत आरआरटीएस स्टेशन हैं, इसमें 8 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशन हैं. इन सभी स्टेशनों में से तीन स्टेशन, अर्थात् आईएनए, मुनीरका और एयरोसिटी दिल्ली में हैं.
दिल्ली-पानीपत नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-पानीपत नमो भारत रेल परिवहन कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खान से हरियाणा के करनाल तक जाएगा.दिल्ली, हरियाणा और शहरी आवास मंत्रालय की चर्चा में हुआ है. यह विस्तार करनाल को नेशनल हाईवे (एनसीआर) में शामिल किए जाने के बाद हुआ है. इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 136.3 किमी है और इसमें 21 नमो भारत रेल परिवहन स्टेशन हैं. इनमें 15 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं, (जिनमें 4 भावी स्टेशनों और सराय काले खान को छोड़कर) बाकी स्टेशन शामिल है. ये दिल्ली, गनौर, समालखा, पानीपत और करनाल के घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरेगा.
दिल्ली में रैपिड रेल के 6 स्टेशन बनेंगे
दिल्ली-पानीपत नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर को हरियाणा सरकार ने दिसंबर 2020 में और दिल्ली सरकार ने मार्च 2024 में स्वीकृति दी. दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर में परियोजना लागत 33,051 करोड़ है, जिसमें दिल्ली का हिस्सा 2298 करोड़ है. मूल डीपीआर में रूट की लंबाई 103 किमी थी, जिसमें 17 नमो स्टेशन थे. संशोधित डीपीआर में रैपिड रेल रूट की लंबाई 136.30 किलोमीटर है, जिसमें 17 नमो भारत स्टेशन (दिल्ली में 6, जिनमें से 5 एलिवेटेड और 1 अंडरग्राउंड हैं) और हरियाणा में 11 स्टेशन शामिल हैं.
इंद्रप्रस्थ से नरेला-भलस्वा तक रैपिड रेल स्टेशन
इस कॉरिडोर के 6 नमो भारत स्टेशन में इंद्रप्रस्थ (एलिवेटेड), कश्मीरी गेट (भूमिगत), झरोदा माजरा (एलिवेटेड), भलस्वा (एलिवेटेड), अलीपुर (एलिवेटेड) और नरेला (एलिवेटेड)दिल्ली में हैं. इनमें से इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, झरोदा माजरा और भलस्वा को पास के दिल्ली मेट्रो रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. कश्मीरी गेट नमो भारत स्टेशन को अंतर राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) से इंटीग्रेट कियाजाएगा. दिल्ली सरकार ने 162 करोड़ जारी किए हैं.
दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल परिवहन कॉरिडोर चालू
दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल परिवहन कॉरिडोर 82.15 किलोमीटर लंबा है और इसमें 25 नमो भारत रेल परिवहन स्टेशन (मेरठ मेट्रो सहित) हैं. इस कॉरिडोर का दिल्ली वाला हिस्सा लगभग 13 किलोमीटर लंबा है और इसमें 3 नमो भारत रेल परिवहन स्टेशन हैं. इस परियोजना की कुल लागत 30,274 करोड़ रुपये है और इसमें GNCTD का योगदान 1260 करोड़ रुपये है, जो पहले ही NCRTC को जारी किया जा चुका है। इस परियोजना को भारत सरकार द्वारा मार्च 2019 में मंजूरी दी गई थी.
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दिल्ली-मेरठ और गाजियाबाद के बीच नेटवर्क
यह कॉरिडोर दिल्ली, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर और मेरठ के शहरी केंद्रों को जोड़ता है. साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 17 किलोमीटर का प्राथमिकता खंड 20 अक्टूबर 2023 को चालू किया गया था. पीएम मोदी ने दुहाई से मोदीनगर उत्तर नमो भारत आरआरटीएस स्टेशन तक 17 किलोमीटर खंड का उद्घाटन किया.
6 मार्च 2024 को मोदीनगर उत्तर से मेरठ दक्षिण तक 8 किलोमीटर का एक और खंड चालू किया गया. 5 जनवरी 2025 को साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर तक 13 किलोमीटर के एक अतिरिक्त खंड का उद्घाटन किया।नमो भारत का सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा रूट 22 फरवरी 2026 को शुरू हुआ. दिल्ली 2030 तक दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर हो जाएगा. ऐसे में रैपिड रेल एनसीआर के शहरों में हाईस्पीड रेल चलाने और प्रदूषण में कमी लाने में मददगार होगी














