दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम को अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी है. कड़कड़डूमा अदालत ने उसे चार अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत दी है. दिल्ली की एक अदालत इमाम की नियमित जमानत याचिका पर 30 सितंबर को सुनवाई करने वाली है. उससे पहले ही उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई है.
कब से जेल में बंद है शरजील इमाम
शरजील इमाम जनवरी 2020 से हिरासत में है. उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम ( यूएपीए ) के तहत आरोप लगाए गए हैं. शरजील इमाम पर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए धरना-प्रदर्शनों की आड़ में फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की साजिश रचने का आरोप है.
कड़कड़डूमा अदालत ने यह फैसला शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिका पर 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई से कुछ दिन पहले ही दिया है. इससे पहले इस साल मार्च में भी इमाम को अंतरिम जमानत दी गई थी. उस समय दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें अपने भाई की शादी में शामिल होने और अपनी बीमार मां की देखभाल करने के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी.
जुलाई में खारिज हो गई थी जमानत याचिका
इससे पहले जुलाई में कड़कड़डूमा अदालत ने इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अदालत ने जमानत खारिज करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के पहले से दिए आदेश के चलते वह जमानत अर्जियों पर न तो विचार कर सकती है और न ही कोई राहत दे सकती है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट की राय थी कि अभियोजन पक्ष ने जिन सुरक्षित गवाहों पर भरोसा किया है, उनकी गवाही पूरी होने या इस आदेश की तारीख से एक साल बीतने पर ही याचिकाकर्ता दोबारा जमानत याचिका दायर कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पांच जनवरी 2026 को यह आदेश दिया था.
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