एसिड अटैक केस : पीड़िता का पिता अकील रेप केस में अरेस्ट, फोन से मिले जितेंद्र की पत्नी के अश्लील वीडियो

दिल्ली एसिड अटैक केस का सच पूरी तरह पलट गया. पिता अकील खान के फोन से मिले अश्लील वीडियो और साजिशी सबूतों ने साबित कर दिया कि यह हमला फर्जी था, जो रेप केस से बचने और पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए रचा गया था.

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  • दिल्ली पुलिस ने 20 वर्षीय छात्रा पर हुए कथित एसिड अटैक को फर्जी साजिश बताते हुए मामला सुलझाया है
  • जांच में पाया गया कि इस साजिश के पीछे छात्रा के पिता अकील खान और परिवार का हाथ था
  • अकील खान के मोबाइल से मिले अश्लील वीडियो और तस्वीरों के सहारे वह जितेंद्र और उसकी पत्नी को ब्लैकमेल कर रहा था
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस ने उस केस का राज़ खोल दिया है जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया था. 20 वर्षीय छात्रा पर हुआ कथित एसिड अटैक अब एक फर्जी साजिश साबित हुआ है. पुलिस की जांच में यह सामने आया कि इस पूरे नाटक के पीछे उसकी खुद की फैमिली थी और इसका मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि उसका पिता अकील खान था.

स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) रवींद्र यादव ने इस केस में सटीक सबूतों के साथ बताया कि पुलिस ने जिस मोबाइल को अकील खान से बरामद किया, उसमें जितेंद्र की पत्नी के 13 से ज्यादा अश्लील वीडियो और 50 से अधिक तस्वीरें मिलीं. जांच में यह भी पता चला कि इन्हीं फोटो और वीडियो के सहारे अकील खान, जितेंद्र और उसकी पत्नी को ब्लैकमेल कर रहा था.

पुरानी दुश्मनी बनी वजह

पुलिस ने खुलासा किया कि जितेंद्र की पत्नी ने रेप और ब्लैकमेल का केस दर्ज कराया था, जिससे नाराज़ होकर अकील खान और उसकी बेटी ने एसिड अटैक की झूठी कहानी रची. छात्रा ने दावा किया था कि जितेंद्र और उसके दो दोस्तों ईशान व अरमान ने उस पर एसिड फेंका, लेकिन तकनीकी जांच ने यह दावा ध्वस्त कर दिया. जितेंद्र की लोकेशन करोल बाग की मिली, जबकि घटना भलस्वा इलाके में हुई थी.

इतना ही नहीं, पुलिस ने बताया कि 2018 में छात्रा के परिवार ने इन दोनों दोस्तों की मां पर एसिड फेंका था, जिसके बाद उन लोगों ने अकील खान और उसके परिवार पर केस दर्ज कराया था. यानी यह पूरी साजिश पुरानी दुश्मनी और बदले की भावना से प्रेरित थी.

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पहले से तय थी कहानी, सबकुछ प्लान के मुताबिक

जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा घर से ही टॉयलेट क्लीनर लेकर निकली थी, जिसे बाद में एसिड बताया गया. उसके बैग में एक दूसरी कुर्ती भी मिली, ताकि अगर पहली जल जाए तो वह दूसरी पहन सके और कहानी पूरी लगे. घटना के वक्त उसका भाई उसे कॉलेज छोड़ने आया था, यानी परिवार को पहले से सबकुछ पता था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह केस ‘फेक एसिड अटैक' और ‘फॉल्स रैप ट्रैप' का एक मिसाल है, जिसमें “एक तीर से कई शिकार” करने की कोशिश की गई.

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