आत्मनिर्भरता विकल्प नहीं, अस्तित्व के लिए जरूरी... NDTV डिफेंस समिट में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी डिफेंस समिट में लिया हिस्सा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एनडीटीवी के डिफेंस समिट में पहुंचे, जहां उन्होंने आने वाली चुनौतियों और भारत की तैयारियों को लेकर विस्तार में बातचीत की. इस दौरान रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया, साथ ही कहा कि ट्रेड वॉर जैसी इस स्थिति में हमें आत्मनिर्भर होना चाहिए.  

इतिहास से सीख लेने की जरूरत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने NDTV डिफेंस समिट में कहा, भारत की सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर से अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है. दुनियाभर में कई जगह आज संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, यहां तक कि ट्रेड को लेकर भी स्थिति गंभीर बनी है. इसीलिए भारत का आत्मनिर्भर होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि, हमें एक बार इतिहास की तरफ भी देखना होगा. जिससे हम अतीत से सीख लेकर वर्तमान की बातों को समझ पाएं. पुरानी चुनौतियों से हम नई चुनौतियों की तरफ बढ़ते हैं, समय बीतने के साथ हमें पुरानी चुनौतियां नई चुनौतियों के सामने छोटी लगने लगती हैं. 

आत्मनिर्भर होने की जरूरत 

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने इस सेंचुरी में कोविड महामारी को देखा, जब पूरा विश्व लॉकडाउन हो गया. इस दौरान कई देशों के बीच संघर्ष देखने के लिए मिले. वहीं टेक्नोलॉजी ने एक झटके में सब कुछ बदलकर रख दिया है, इंटरनेट, एआई, स्पेस साइंस जैसी चीजें हमारे जीवन के केंद्र में आ गई हैं. हमारे सामने हर दिन नई चुनौती है. मैं मानता हूं कि ये सदी हमारे लिए काफी ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हुई है. इसीलिए आज के समय में आत्मनिर्भरता एक जरूरत बन चुकी है, ये सर्वाइवल और प्रोग्रेस की शर्त है. 

रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी इकनॉमी और सिक्योरिटी के लिए भी आत्मनिर्भता जरूरी है. इसी के जरिए हम खुद को मजबूत रख सकते हैं. यही हमें दुनिया की उभरती शक्तियों में अग्रणीय स्थान भी दिलाएगा. हमारा यही दृष्टिकोण हमारे हर फैसले में दिख रहा है. 

रक्षा मंत्री ने पीएम मोदी की उस बात का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि हम कभी भी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं करेंगे. जब भी कोई देश आगे बढ़ता है तो कुछ देशों के साथ उसके विचार मिलते हैं, वहीं कुछ देशों के साथ विचार नहीं मिलते हैं. जिनके साथ विचार मिलते हैं, उन्हें फ्रेंडली नेशन समझा जाता है और जिनसे विचार नहीं मिलते हैं उन्हें एडवर्सरी समझा जाता है. आपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर सुना होगा कि, 'no permanent friends, no permanent enemies, only permanent interests'... 

अमेरिका को करारा जवाब 

रक्षा मंत्री ने अमेरिका को सीधा मैसेज देते हुए कहा कि भारत किसी को भी अपना दुश्मन नहीं मानता है. लेकिन हमारे लिए अपने लोगों का, अपने किसानों का, अपने छोटे व्यापारियों का हित सबसे ऊपर है. हम किसी भी कीमत पर अपने देश की वेलफेयर के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं. चाहे कितना भी दबाव डाला जाए, भारत अपने व्यवसायियों, पशुपालकों, दुकानदारों और आम नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता ही रहेगा. 

हम सब जियोग्राफी में पढ़ते हैं कि जितना दबाव पड़ता है, उतनी ही चट्टान मजबूत होती जाती है. मुझे लगता है कि भारत पर जितना दबाव डाला जाएगा, भारत उतने ही मजबूत चट्टान के रूप में निखरकर सामने आएगा.

राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने भारत की रक्षा जरूरतों को कई सालों तक पूरा किया, लेकिन धीरे-धीरे ये सिस्टम कोलेनियल लेगेसी का प्रतीक बनता चला गया. जब हम सरकार में आए तो हमने इस ढांचे को बदलने का काम किया. 

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