दिल्ली में जानलेवा हवा, PM2.5 में 140 % की बढ़ोतरी, लोगों को आ रही फेफड़ों संबंधी दिक्कतें

हवा में मौजूद सभी कणों में सबसे हानिकारक पीएम2.5, सुबह 7 बजे प्रति घंटे औसतन 200.8 दर्ज किया गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को इसी समय यह 83.5 था.

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दिल्ली में PM2.5 खतरनाक स्तर पर
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  • दिल्ली में फिर दिखी धुंध की चादर
  • पहले के मुकाबले प्रदूषण में कुछ गिरावट जरूर
  • PM2.5 की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंची
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नई दिल्ली:

दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में बीते कुछ दिनों में भले ही कुछ कमी आई हो. लेकिन अगर बात PM2.5 (हवा में प्रदूषण के रूप में पाए जाने वाले छोटे कण जो खासतौर पर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाया) की बात करें तो इसकी मात्रा में बीते 24 घंटों में 140 फीसदी का इजाफा आया है. हवा की गुणवत्ता में ये गिरावट दीवाली के ठीक बाद दर्ज की गई है. 

PM2.5 खतरनाक स्तर पर

हवा में मौजूद सभी कणों में सबसे हानिकारक पीएम2.5, सुबह 7 बजे प्रति घंटे औसतन 200.8 दर्ज किया गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को इसी समय यह 83.5 था. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि के दौरान रोहिणी, आईटीओ और दिल्ली हवाईअड्डा क्षेत्र सहित अधिकांश स्थानों पर पीएम2.5 और पीएम10 प्रदूषक स्तर 500 तक पहुंच गया.

कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब

बता दें कि दिल्‍ली में बीते गुरुवार रात और शुक्रवार की सुबह हुई बारिश के कारण प्रदूषण के स्‍तर में सुधार देखने को मिला था. लेकिन दीवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण हवा की गुणवत्ता फिर खराब हो स्तर पर पहुंच गई. दिल्‍ली के कई इलाकों में वायु की गुणवत्‍ता का स्‍तर एक बार फिर 300 के आसपास पहुंच गया है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है. आनंद विहार में एक्यूआई 296, आरके पुरम में 290, पंजाबी बाग में 280 और आईटीओ में 263 दर्ज किया गया. 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्‍लंघन...

उच्चतम न्यायालय ने सात नवंबर को कहा था कि बेरियम युक्त पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश हर राज्य पर लागू होता है और यह केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं है, जो गंभीर वायु प्रदूषण से जूझ रहा है. ऐसे में हमें इस दीवाली भी यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए कम से कम पटाखें जलाए जाएं. 

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