कांग्रेस ने मणिपुर में दो लोकसभा सीट के लिए जेएनयू प्रोफेसर और पूर्व विधायक को प्रत्याशी बनाया

पिछले साल मई में मणिपुर में मैतेई और आदिवासी कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई. अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने 25,000 से अधिक लोगों को बचाया है.

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कांग्रेस ने मणिपुर की दोनों लोकसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.
इंफाल:

कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अकोइजाम बिमोल अंगोमचा को भीतरी मणिपुर संसदीय सीट और अल्फ्रेड कन्नगाम आर्थर को बाहरी मणिपुर संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतारा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र ने कहा, ‘‘प्रोफेसर अकोइजाम बिमोल अंगोमचा भीतरी मणिपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि अल्फ्रेड कन्नगाम आर्थर बाहरी मणिपुर संसदीय सीट से पार्टी के प्रत्याशी होंगे.''

अकोइजाम पिछले साल मई में राज्य में भड़की हिंसा पर अपने अकादमिक परिप्रेक्ष्य के लिए जाने जाते हैं और उन्हें राज्य में लोकप्रियता मिली. पूर्व विधायक आर्थर थांगखुल नगा बहुल उखरूल जिले से हैं.

नगा पीपुल्स फ्रंट ने पूर्व आईआरएस अधिकारी के. टिमोथी जिमिक को बाहरी मणिपुर सीट से प्रत्याशी बनाया है.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के महासचिव सोतिनकुमार लायश्रम को भीतरी मणिपुर सीट से प्रत्याशी बनाने की योजना है. भीतरी मणिपुर संसदीय क्षेत्र में 19 अप्रैल को और बाहरी मणिपुर संसदीय क्षेत्र में 26 अप्रैल को मतदान होगा.

चुनाव आयोग ने कहा है कि हिंसा प्रभावित मणिपुर के राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को वहीं पर लोकसभा चुनाव के लिए मतदान करने की अनुमति दी जाएगी. 

पिछले साल मई में मणिपुर में मैतेई और आदिवासी कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई. अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने 25,000 से अधिक लोगों को बचाया है, जबकि लगभग 50,000 लोग अशांति के बाद शिविरों में रह रहे हैं.

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