Election Results 2022 : उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. प्रियंका गांधी के आक्रामक प्रचार अभियान के बावजूद कांग्रेस सिर्फ दो सीटों पर सिमट गई. पार्टी के लचर प्रदर्शन के बाद नेतृत्व परिवर्तन और संगठन में आमूलचूल बदलाव की मांग फिर तेज होने लगी है. खासकर जी-23 समूह (Congress G-23) के असंतुष्ट धड़े के नेता फिर सक्रिय हो गए हैं. जी-23 ने करीब दो साल पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र संगठन में बदलाव के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद कांग्रेस में अंदरूनी कलह सतह पर आ गई थी. इन असंतुष्ट नेताओं की बैठक वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad)के घर पर हुई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और सांसद मनीष तिवारी को दिल्ली में आजाद के घर कार से जाते हुए देखा गया. कांग्रेस ने पंजाब में अपनी सरकार गंवा दी है. जबकि यूपी, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में वो कोई उल्लेखनीय प्रदर्शन नहीं कर सकी. पंजाब छोड़कर चार राज्यों में बीजेपी ने सत्ता बरकरार रखी है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस बहुत जल्द जनता का भरोसा फिर से जीतेगी. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने कहा, ‘50 साल के मेरे राजनीतिक करियर में मैंने कई उतार और चढ़ाव देखे हैं. विधानसभा चुनावों के नतीजों को देखना दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि सिर्फ हम फासीवादी ताकतों से लड़ सकते हैं. हम जनता का भरोसा जल्द फिर से जीत लेंगे.
एक दिन पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी. थरूर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के निराशाजनक नतीजों के बाद पार्टी में बदलाव के मुद्दे को अब और टाला नहीं जा सकता है. थरूर ने कहा था, कांग्रेस अगर अपनी किस्मत बदलना चाहती है तो पार्टी अब बदलाव को टाल नहीं सकती. उन्होंने पार्टी के आधिकारिक रुख से भी अलग राय दी, जिसमें कहा गया है किहार के लिए नेतृत्व को जिम्मेदार नहीं ठहराना है. शशि थरूर ने कहा कि जिस किसी को भी कांग्रेस पर भरोसा है, वो इन विधानसभा चुनावों के नतीजों को देखकर दुखी हैं. यह वक्त है कि हम भारत के विचार को मजबूत करें, जिसके लिए कांग्रेस हमेशा खड़ी रही है