- PM मोदी चीन में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेने गए हैं और शी जिनपिंग से मुलाकात की है.
- 2020 में SCO की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की वर्चुअल बैठक हुई थी और उसे अजीत डोभाल ने बीच में छोड़ दिया था.
- पाकिस्तान ने उस बैठक में एक नक्शा दिखाया जिसमें जम्मू-कश्मीर और जूनागढ़ को अपने क्षेत्र में दर्शाया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन में हैं जहां वो शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. उन्होंने अमेरिका के साथ बढ़ते टैरिफ तनाव के बीच चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है.
जब पूरी दुनिया की नजर चीन के तियानजिन में हो रहे SCO शिखर सम्मेलन पर है, यह मौका है आज से 5 साल पहले हुए उस वाकये को याद करने का जब भारत के 'सुपर जासूस' अजीत डोभाल ने भारत की संप्रभुता पर कड़ा स्टैंड लेते हुए बीच में SCO मीटिंग छोड़ दी थी. चलिए आपको बताते हैं कि क्या हुआ था और क्यों हुआ था.
एक वॉकआउट जिसने सुर्खियां बटोरीं
यह सितंबर 2020 था और कोरोना महामारी चरम पर थी. कूटनीति काफी हद तक ऑनलाइन ट्रांसफर हो गई थी. तब SCO के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मीटिंग भी वर्चुअली हो रही थी. सेशन के दौरान, पाकिस्तान के प्रतिनिधि डॉ. मोईद यूसुफ ने एक नया जारी किया गया राजनीतिक मानचित्र दिखाया. उस पर भारत के अभिन्न क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और जूनागढ़ को पाकिस्तान में दिखाया गया था. यह SCO के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था, जो द्विपक्षीय विवादों को बहुपक्षीय मंचों पर लाने से मना करता है.
यह एक संदेश था जिसमें कहा गया था कि भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठाने की अनुमति नहीं देगा. एक जानकार सूत्र ने इस कदम को "SCO चार्टर का घोर उल्लंघन, SCO सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के सभी स्थापित मानदंडों के खिलाफ" बताया. रूस ने बाद में पुष्टि की कि वह पाकिस्तान की उत्तेजक कार्रवाई का समर्थन नहीं करता है, और रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पेत्रुशेव ने मीटिंग से बाहर निकलने के लिए अजीत डोभाल की प्रशंसा की.