सरकार ने कॉल डेटा, इंटरनेट के इस्तेमाल संबंधी रिकॉर्ड दो साल के लिए सुरक्षित रखना किया जरूरी

सर्कुलर में कहा गया कि यह संशोधन जनहित के लिए अथवा देश के सुरक्षा हितों के लिहाज से आवश्यक है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
प्रतीकात्‍मक फोटो
नई दिल्‍ली:

दूरसंचार विभाग (DoT) ने उपभोक्ताओं के कॉल डेटा और इंटरनेट इस्तेमाल करने संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि सुरक्षा कारणों से एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष कर दी है.लाइसेंस में संशोधन 21 दिसंबर को जारी किए गए थे और 22 दिसंबर को इनका विस्तार अन्य प्रकार के टेलीकॉम परमिट तक कर दिया गया. डीओटी के सर्कुलर में कहा गया है, ‘‘लाइसेंस धारक सभी व्यावसायिक रिकॉर्ड/कॉल डिटेल रिकॉर्ड/एक्सचेंज डिटेल रिकॉर्ड/ आईपी डिटेल रिकॉर्ड के साथ-साथ नेटवर्क पर हुए संवाद के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें. इस तरह के रिकॉर्ड सुरक्षा कारणों से कम से कम दो वर्ष के लिए सुरक्षित रखे जाएं.''

सर्कुलर में कहा गया कि यह संशोधन जनहित के लिए अथवा देश के सुरक्षा हितों के लिहाज से आवश्यक है.संशोधन के तहत टेलीकॉम कंपनियों के लिए इंटरनेट सेवा, ई-मेल, इंटरनेट टेलीफोनी सेवाओं के लॉगइन और लॉगआउट ब्यौरों समेत उपभोक्ताओं का इंटरनेट डेटा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना अनिवार्य है. इससे पहले, कॉल डेटा और इंटरनेट के इस्तेमाल संबंधी रिकॉर्ड कम से कम एक वर्ष के लिए सुरक्षित रखने का नियम था.

प्रियंका गांधी के बच्‍चों के इंस्‍टाग्राम अकाउंट हैक नहीं हुए, केंद्र की जांच में आया सामने: सूत्र

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Lathicharge In Bokaro: Jharkhand के बोकारो में विस्थापितों पर लाठीचार्ज, एक युवक की मौत | Breaking
Topics mentioned in this article