पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ करने का ऐलान... बजट 2026 में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर मोदी सरकार का फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में पूंजीगत खर्च बढ़ाकर बारह लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की है. इसका लक्ष्य विकास और रोजगार को बढ़ावा देना है.

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  • वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर बारह लाख बीस हजार करोड़ रुपये करने की घोषणा की
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना कर बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने का लक्ष्य रखा
  • बजट में राजमार्ग, बंदरगाह, रेलवे और बिजली समेत इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त प्रोत्साहन देने को बढ़ावा दिया जाएगा
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नई दिल्‍ली:

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का ऐलान किया है. इसके जरिए सरकार की कोशिश बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस कर देश में विकास दर और रोजगार को बढ़ाना है. बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी. 

इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त प्रोत्साहन, 7 रणनीतिक क्षेत्रों को बढ़ावा

निर्मला सीतारमण ने कहा कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए बजट में राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली परियोजनाओं सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त प्रोत्साहन देने, 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और तेजी से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सृजित करने का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर देते हुए राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखी है, और आगे कहा कि भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना चाहिए, अधिक निर्यात करना चाहिए और विदेशी निवेश को भी आकर्षित करना चाहिए.

इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी. मोदी सरकार का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का ऐलान किया है. इसके जरिए सरकार की कोशिश बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस कर देश में विकास दर और रोजगार को बढ़ाना है.

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ये हैं बड़ी परियोजनाएं

  • देशभर में 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की योजना में पश्चिम बंगाल को सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य माना जा रहा है. यह कदम राज्य के पारंपरिक उद्योगों को दोबारा मजबूती देने में सहायक होगा.
  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी राज्य को बड़ी सौगात मिली है. डानकुनी को सूरत से जोड़ने वाले ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
  • रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में एक और बड़ी घोषणा के तहत वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, देशभर में 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की योजना में पश्चिम बंगाल को सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य माना जा रहा है. यह कदम राज्य के पारंपरिक उद्योगों को दोबारा मजबूती देने में सहायक होगा.
  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी राज्य को बड़ी सौगात मिली है. डानकुनी को सूरत से जोड़ने वाले ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
  • रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में एक और बड़ी घोषणा के तहत वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है. साथ ही वाराणसी–नई दिल्ली बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा के बाद सिलीगुड़ी का सीधा संपर्क देश की राजधानी दिल्ली से भी स्थापित हो सकेगा.
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में पांच राज्यों को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की योजना में पश्चिम बंगाल को प्रमुख लाभ मिलने की उम्मीद है. खासकर कोलकाता के निजी अस्पतालों को अंतरराष्ट्रीय मरीजों के आकर्षण से बड़ा फायदा हो सकता है.

समृद्धि की राह में मजबूत भागीदार

इसके अतिरिक्त, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में बजट का आधार को तीन 'कर्तव्यों'को बताया, जिनसे न सिर्फ अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी, बल्कि गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों को भी ताकत मिलेगी. सीतारमण ने कहा कि सरकार के 'संकल्प' को पूरा करने के लिए और यह देखते हुए कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, हम तीन कर्तव्यों से प्रेरित हैं. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पहला कर्तव्य प्रोडक्टिविटी और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर और अस्थिर ग्लोबल डायनामिक्स के प्रति लचीलापन बनाकर आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना है. हमारा दूसरा कर्तव्य हमारे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना है, जिससे वे भारत की समृद्धि की राह में मजबूत भागीदार बनें. वित्‍त मंत्री ने कहा कि हमारा तीसरा कर्तव्य, जो 'सबका साथ-सबका विकास' के हमारे विजन के साथ जुड़ा हुआ है, यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधनों तक पहुंच मिले.' उन्होंने आगे कहा कि 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' अपनी राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है और अपने कर्तव्यों को पूरा करने में हमारी मदद करने के लिए अपनी गति बनाए रखेगी.

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