- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए नए इनकम टैक्स नियम अप्रैल 2026 से लागू करने का ऐलान किया.
- उत्तर प्रदेश को दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोर मिले हैं, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी मार्ग शामिल हैं.
- पटना और वाराणसी में शिप रिपेयरिंग सेंटर बनाए जाएंगे जिससे जलमार्ग व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
Budget 2026-27: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश किया. वित्तिय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई है. वित्त मंत्री ने एलान किया कि नया इनकम टैक्स नियम अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसके तहत इनकम टैक्स के नियम और फॉर्म आसान बनाए जाएंगे. टैक्स रिटर्न भरना सामान्य लोगों के लिए सरल होगा. विदेश यात्रा पैकेज पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) घटाकर 2% कर दिया गया है. विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च के लिए भेजे गए पैसों पर भी TCS 5% से घटाकर 2%. मैनपावर सर्विस पर TDS सिर्फ 1% या 2% होगा. इस बार के बजट से हिंदी पट्टी के बड़े राज्य यूपी,बिहार, एमपी, हरियाणा, दिल्ली को क्या कुछ मिला, आइए जानते हैं?
बजट 2026-27 से यूपी-बिहार को क्या मिला?
इस बार के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को तवज्जो दी गई है. बनारस से से दो बड़े हाईस्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होंगे. बजट के तहत उत्तर प्रदेश को कुल 1500 किलोमीटर लंबाई के दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोर मिले हैं. पहला कॉरिडोर दिल्ली से वाराणसी के बीच बनाया जाएगा, जबकि दूसरा कॉरिडोर वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित है. वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार से होकर गुजरेगा, जिससे बिहार को भी फायदा होगा.
पटना और वाराणसी में शिप रेपियरिंग सेंटर का तोहफा
वित्त मंत्री ने बिहार की राजधानी पटना और वाराणसी में पानी के जहाजों की मरम्मत के लिए शिप रिपेयरिंग पोर्ट बनाने का ऐलान किया है. इससे जलमार्गों पर चलने वाले जहाजों और कार्गो वेसल्स के लिए लोकल रिपेयर, मेंटेनेंस और टेक्निकल सर्विस मिलेंगी. इसके साथ ही काशी में परिवहन पोर्ट भी विकसित किए जाएंगे. इससे जलमार्ग के जरिए व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित होंगे कई शहर
वाराणसी के पास स्थित सारनाथ और मेरठ के पास स्थित हस्तिनापुर को प्रमुख सांस्कृतिक/धार्मिक स्थलों के रूप में विकसित करने का ऐलान बजट 2026 में किया गया है. सारनाथ में बौद्ध विरासत पर फोकस किया जाएगा. महाभारत काल की पांडवों की राजधानी के रूप में विख्यात हस्तिनापुर का विकास होगा. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को 12.2 लाख करोड़ रुपए से विकसित करने की योजना है. इस श्रेणी में लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर समेत यूपी के 25 शहर शामिल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा छोटे तीर्थ स्थलों को भी विकसित किया जाएगा.
नोएडा में बन रहे सेमीकंडक्टर पार्क से यूपी को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है. इससे हजारों रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. कंटेनर निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है.
सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर खोलने की योजना
बजट में सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर खोलने की योजना बनाई गई है, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा. इस घोषणा के तहत यूपी, बिहार, हरियाणा, एमपी, दिल्ली सहित देश के सभी राज्यों में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होगी. साथ ही महिला कल्याण और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है. इससे उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित आवास की सुविधा मिलेगी. इस घोषणा का फायदा भी सभी राज्यों को मिलेगा.
बजट 2026 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नया आयुर्वेदिक एम्स की सौगात मिली है. महात्मा गांधी हैंडलूम योजना लागू होगी. एक जिला, एक उत्पाद को फायदा मिलेगा. यूपी से ही इसकी शुरुआत हुई थी. जिसके बाद देश में इसे लागू किया गया है. चमड़े से बने सामान सस्ते होंगे. जिसका फायदा यूपी के दो शहरों कानपुर और आगरा की चमड़ा फैक्ट्रियों को होगा.
यह भी पढ़ें - टैक्सपेयर्स को बजट का तोहफा: Income Tax से लेकर TCS तक, वित्त मंत्री ने क्या-क्या ऐलान किए, 10 प्वॉइंट में समझिए














