- बीएमसी की सत्ता से करीब तीन दशक बाद उद्धव ठाकरे बाहर हो गए हैं
- शिवसेना और राज ठाकरे ने एक्स पर पोस्ट करके एक बार फिर मराठी मानुस की बात की है
- बीजेपी ने बीएमसी में 89 सीटों पर जीत दर्ज की है, वहीं एकनाथ शिंदे को 29 सीटों पर विजय मिली है
बीएमसी चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद शिवसेना (उद्धव गुट) और राज ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. शिवसेना ने मराठी मानुस की बात करते हुए कहा कि यह अभी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. वहीं राज ठाकरे ने भी मराठी मानुस का ही जिक्र किया है. गौरतलब है कि पिछले तीन दशक से बीएमसी की सत्ता में काबिज रही शिवसेना इस बार महायुति से चुनाव हार गई है. बीएमसी में बीजेपी को 89, शिवसेना (उद्धव) को 65, शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिली हैं.
उद्धव सेना ने भी की मराठी मानुस की बात
शिवसेना (उद्धव) ने एक्स पर पोस्ट कर हार के बाद एक बार फिर मराठी मानुस की बात ही है. पार्टी ने एक्स किए पोस्ट में लिखा है. यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, मराठी मानुस को जब तक उसका सही सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक यह ऐसे ही जारी रहेगी. इस पोस्ट में बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर लगी है. गौरतलब है कि इस बार पहली बार बीएमसी में बीजेपी का मेयर होगा. बीजेपी ये चुनाव जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया था. खुद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव की बागडोर संभाल ली थी.
राज ठाकरे का पोस्ट
वहीं, राज ठाकरे ने एक्स पर पोस्ट करके कहा है कि अगर मुंबई में मराठी मानुस के साथ अत्याचार हुआ तो उनकी पार्टी किसी को छोड़ेगी नहीं. राज ने अपने पोस्ट में लिखा है. सर्वप्रथम, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना के सभी निर्वाचित पार्षदों को मेरी हार्दिक बधाई़. इस बार का चुनाव आसान नहीं था। यह धन और सत्ता की शक्ति बनाम शिवसेना की शक्ति की लड़ाई थी.लेकिन ऐसे संघर्ष में भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने जमकर मुकाबला किया। उनकी प्रशंसा करने लायक कुछ खास नहीं है. यह दुख की बात है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को इस बार अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन हम निराश होने वालों में से नहीं हैं. हमारे चुने हुए पार्षद मराठियों की हितों की रक्षा करेंगे. अगर किसी मराठी मानुस के साथ अत्याचार होगा तो हम किसी को छोड़ेंगे नहीं.
बीएमसी में बीजेपी का राज
गौरतलब है कि एमएनएस को बीएमसी चुनावों में केवल 10 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है. बीएमसी चुनावों के लिए उद्धव और राज ठाकरे भाइयों के बीच गठबंधन हुआ था. लेकिन चुनाव नतीजों ने दोनों को निराश किया है. वहीं बीएमसी की सत्ता में बीजेपी का राज शुरू होने वाला है.














