बंगाल में BJP का चुनाव प्रचार अभियान, 1 मार्च से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत, ममता के लिए बड़ी चुनौती

Bengal BJP Parivartan Yatra: प्रचार अभियान के दौरान ग्रामीण बंगाल में बीजेपी का फोकस एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्र्क्चर, ट्रांसपेरेंट एक्सीक्यूशन के पारदर्शी कार्यान्वयन और बिचौलियों की परेशानी दूर करने पर रहेगा.

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बंगाल में शुरू हो रही बीजेपी की परिवर्न यात्रा. (फाइल फोटो)
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  • बीजेपी 1 मार्च 2026 से पश्चिम बंगाल में परिवर्तन यात्रा शुरू कर टीएमसी के शासन को चुनौती देगी
  • यह यात्रा 38 जिलों और 230 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों से होकर लगभग 5,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी
  • अभियान के तहत करीब एक करोड़ लोगों से प्रत्यक्ष संपर्क और 63 बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी
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कोलकाता:

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी एक्टिव मोड में है. चुनाव प्रचार के लिए पार्टी अलग-अलग तरीके अपना रही है. बीजेपी 1 मार्च 2026 से बंगाल में परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करने जा रही है, जो कि चुनाव प्रचार की बड़ी कोशिशों में से एक है. बीजेपी के इस अभियान का मकसद टीएमसी के नेतृत्व में एक दशक से ज्यादा समय से चल रहे भ्रष्ट, अलोकतांत्रिक और जनविरोधी शासन को चुनौती देना है. बीजेपी ने इस यात्रा को बंगाल में एक बड़े आंदोलन के रूप में पेश कर रही है. मतलब साफ है कि पर्टी ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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बंगाल में बीजेपी शुरू करेगी परिवर्तन यात्रा

पार्टी नेताओं के मुताबिक, “पालोतानो डोरकर, चाय बीजेपी सोरकर” के नारे के तहत चलाया जा रही यह परिवर्तन यात्रा राज्य के संगठनात्मक नेटवर्क में “पूर्ण भौतिक वर्चस्व” स्थापित करने की कोशिश है. बीजेपी यह परिवर्तन यात्रा करीब 5,000 किमी. की दूरी तय कर राज्य के सभी 9 संगठनात्मक प्रभागों में एक साथ चलेगी.

कहां-कहां से होकर गुजरेगी परिवर्तन यात्रा?

बीजेपी की परिवर्तन यात्रा 38 संगठनात्मक जिलों और 230 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी. पार्टी के अनुमान के मुताबिक, इस पहल से आम लोगों के साथ 1 करोड़ से ज्यादा प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित होंगे, जिसमें फेस टू फेस बातचीत और जमीनी स्तर पर लामबंदी पर जोर दिया जाएगा.इस दौरान 63 बड़ी रैलियां और विधानसभा क्षेत्रों के एंट्री गेट्स पर 281 स्वागत सभाएं भी की जाएंगी. इस यात्रा के लिए कम्युनिकेशन और मैसेजिंग सरकार संबंधी मुद्दों, व्यवस्थागत बदलाव और जवाबदेही पर केंद्रित होंगे. 

इस यात्रा के जरिए बीजेपी का लक्ष्य महिला सुरक्षा, शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार, जिसमें शिक्षक भर्ती घोटाले भी शामिल हैं, और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरों जैसे मुद्दों को उजागर करना है. इसके साथ ही जनसांख्यिकीय बदलाव, अवैध घुसपैठ और सीमावर्ती जिलों में चरमपंथी तत्वों की मौजूदगी का मुद्दों पर भी खास फोकस रहेगा. 

बंगाल में इन मुद्दों पर बीजेपी का फोकस

प्रचार अभियान के दौरान ग्रामीण बंगाल में बीजेपी का फोकस एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्र्क्चर, ट्रांसपेरेंट एक्सीक्यूशन के पारदर्शी कार्यान्वयन और बिचौलियों की परेशानी दूर करने पर केंद्रित होगा. शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, युवाओं के लिए रोजगार और इंप्रूव्ड अर्बन मोबिलिटी पर चर्चा की जा सकती है. बीजेपी की परिवर्तन यात्रा में पार्टी के 100 से ज्यादा सीनियर केंद्रीय और राज्य स्तर के नेता शामिल होंगे. 1 और 2 मार्च को यात्रा के पहले चरण में पहले दिन पांच और दूसरे दिन चार जनसभाएं होंगी. इस दौरान अमित शाह, नितिन नबीन, जे.पी. नड्डा, राजनाथ सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और शिवराज सिंह चौहान जैसे सीनियर बीजेपी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. 

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होली के बाद यह अभियान 5 से 10 मार्च तक छह दिनों तक लगातार चलेगा. प्रत्येक यात्रा यूनिट हर दिन 9 घंटे चलेगी.यात्रा का समापन कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में एक बड़ी जनसभा के साथ होगा, जहां पीएम मोदी समर्थकों को संबोधित करेंगे. परिवर्तन यात्रा को बंगाल में बीजेपी राजनीतिक दिशा बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

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