सिब्बल को मिला 2010 का पुरस्कार एप्स्टीन से था जुड़ा, बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, जानिए कांग्रेस का जवाब

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि उस समय सिब्बल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री थे. उन्हें ‘‘शिक्षा में वैश्विक सहयोग के प्रति उनके दृढ़ समर्थन’ के लिए समारोह में पुरस्कार दिया गया था. खेड़ा ने कहा, ‘‘इसका जेफ्री एप्स्टीन से कोई संबंध नहीं है.’’

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  • BJP ने आरोप लगाया कि कपिल सिब्बल को 2010 में जेफ्री एप्स्टीन द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम में पुरस्कार मिला था
  • कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए बताया कि सिब्बल उस कार्यक्रम में एप्स्टीन के मेहमान नहीं थे
  • भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा और कांग्रेस सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए
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नयी दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने 2010 में अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार प्राप्त किया था, जो यौन अपराधों के दोषी जेफ्री एप्स्टीन द्वारा वित्त पोषित था. भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस मुद्दे पर जवाब मांगा. आरोपों के बारे में पूछे जाने पर सिब्बल ने सत्ताधारी भाजपा के दावे को ‘‘बकवास'' बताकर खारिज कर दिया.

कांग्रेस ने भी इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सिब्बल उस कार्यक्रम में एपस्टीन के मेहमान नहीं थे. कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि उस समय सिब्बल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री थे. उन्हें ‘‘शिक्षा में वैश्विक सहयोग के प्रति उनके दृढ़ समर्थन' के लिए समारोह में पुरस्कार दिया गया था. खेड़ा ने कहा, ‘‘इसका जेफ्री एप्स्टीन से कोई संबंध नहीं है.''

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘2010 में, जेफ्री एप्स्टीन द्वारा कथित तौर पर वित्त पोषित एक पुरस्कार कांग्रेस के (तत्कालीन) वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को मिला था. सिब्बल को लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी के रूप में देखा जाता रहा है.'' भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विदेश इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा भी ‘‘उसी गुट'' से जुड़े हुए थे. भाजपा प्रवक्ता ने ‘एक्स' पर एक दस्तावेज साझा किया, जिसमें कथित तौर पर सिब्बल का नाम न्यूयॉर्क में आयोजित 2010 के अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में पित्रोदा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की सूची में था.

भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘‘उस दौर के कुछ समय बाद ही, कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के दौरान कई नीतिगत बदलाव देखने को मिले. क्या ये महज संयोग थे, या एप्स्टीन के बाहरी प्रभाव ने कांग्रेस सरकार के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की? राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए.'' भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधा.

सिब्बल ने 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी. वह वर्तमान में समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य हैं. कांग्रेस अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स' में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने के बाद से उनके इस्तीफे की मांग कर रही है. 

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