- भोपाल-कानपुर एक्सप्रेसवे बनने से यात्रा का समय सात घंटे हो जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
- यह मध्य प्रदेश के विदिशा, सागर, छतरपुर व उत्तर प्रदेश के महोबा, हमीरपुर से गुजरेगा
- कानपुर-कबरई सेक्शन को मंजूरी मिल गई है, जिसके लिए सात हजार करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया गया है
भोपाल से कानपुर का सफर करने में अभी 15 घंटे का समय लगता है, लेकिन जल्द ही यह दूरी 7 घंटे में पूरी हो जाएगी. क्योंकि 'कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी मिलने के बाद भोपाल-कानपुर एक्सप्रेसवे के काम में तेजी आ गई है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से बनाया जा रहा यह हाईवे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच लाइफलाइन का काम करेगा. जो विदिशा, सागर, छतरपुर, महोबा, हमीरपुर जैसे बड़े शहरों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. 526 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से भरती नजर आएंगी. इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि भोपाल से कानपुर पहुंचते ही यह रिंग रोड के माध्यम से सीधे निर्माणाधीन कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरफ डाइवर्ट होगा. जिससे भोपाल और लखनऊ की दूरी भी कम हो जाएगी.
इन शहरों को कनेक्ट करेगा भोपाल-कानपुर हाईवे
- भोपाल से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के विदिशा, सागर, छतरपुर होते हुए यूपी में एंट्री करेगा.
- यूपी में यह हाईवे महोबा, हमीरपुर और कानपुर रिंग रोड के रमैपुर गांव से जुड़ेगा.
कानपुर-कबरई सेक्शन मंजूर
भोपाल-कानपुर एक्सप्रेसवे के काम में अब तेजी आ गई है. क्योंकि भारत सरकार की तरफ से कुछ जरूरी प्रस्ताव पास हो गए हैं, जिससे यूपी और एमपी के काम में तेजी आ रही है. जिसमें सबसे अहम कानपुर-कबरई सेक्शन को मंजूरी मिलना है. भारत सरकार ने एनएच-34 के तहत आने वाले 117.7 किलोमीटर लंबे इस हिस्से के लिए 7 हजार 145.14 करोड़ का बजट पास किया है. इससे कानपुर-महोबा के बीच की दूरी भी 3.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे तक हो जाएगी. फिलहाल यूपी के हिस्से का काम शुरू होगा. वहीं एमपी में भोपाल से आगे बढ़कर विदिशा के हिस्से तक काम पहुंच गया है. वहीं सागर के बहेरिया से मोहारी के बीच 42 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है.
6-लेन तक होगा विस्तार
मध्य प्रदेश में यह हाईवे 360 किलोमीटर तक होगा, जबकि उत्तर प्रदेश में 166 किलोमीटर का सफर होगा. फिलहाल इसे 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित किया जा रहा है. जबकि भविष्य में इसे 6-लेन किया जा सकेगा. इसका सबसे ज्यादा फायदा बुंदेलखंड में आने वाले सागर, छतरपुर, महोबा और हमीरपुर जैसे जिलों को होगा. यहां के विकास को सबसे ज्यादा फायदा होगा और जमीनों के दामों में भी उछाल आएगा.
भोपाल-कानपुर हाईवे के बड़े फायदे
- भोपाल से कानपुर की पूरी करने में 13 से 14 घंटे का समय लगता है, लेकिन इसके बाद यह दूरी 7 से 8 घंटे तक रह जाएगी.
- कॉरिडोर के तहत बनने वाली 'सागर ग्रीनफील्ड लिंक रोड' भोपाल-सागर की दूरी भी कम होगी.
- उत्तर प्रदेश के हिस्से में कानपुर से कबरई की दूरी भी 3.5 घंटे की दूरी घटकर 1.5 घंटे की रह जाएगी.
- आगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पूरी कनेक्टिविटी भोपाल-लखनऊ कॉरिडोर में बदल जाएगी.
- उत्तर प्रदेश और दिल्ली की तरफ से आने वाले पर्यटकों की पहुंच भी आसान होगी.
एमपी-यूपी के व्यापार को फायदा
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापारिक नजरिए से यह बेहद अहम प्रोजेक्ट है. कानपुर उत्तर प्रदेश का बड़ा गारमेंट, लेदर और केमिकल हब है, जबकि भोपाल ऑटोमोबाइल और बीएचईएल (BHEL) जैसे भारी उद्योगों का केंद्र है. दोनों शहरों के बीच कच्चे और पक्के माल की सप्लाई चेन काफी तेज और सस्ती हो जाएगी.
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