नाबालिग बेटी का ब्रेनवॉश कर 7 रिश्तेदारों की हत्या? बेंगलुरु के इस सनसनीखेज हत्याकांड ने सबको चौंकाया

पुलिस अब आरोपी कैब चालक की नाबालिग बेटी की भूमिका की जांच कर रही है. आरोप है कि उसने पिता की मदद से मां के परिवार के सात सदस्यों को जाल में फंसाने में सहयोग किया.

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बेंगलुरु में एक नाबालिग लड़की का 7 लोगों की हत्या से कनेक्शन निकला है.

बेंगलुरु पुलिस कैब चालक इंदुशेखर की नाबालिग बेटी की कथित भूमिका की जांच कर रही है. उस पर आरोप है कि उसने अपनी मां के परिवार के सात सदस्यों की हत्या में अपने पिता की मदद की. पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इंदुशेखर ने कथित तौर पर अपनी बेटी को इस अपराध में शामिल होने के लिए कैसे तैयार किया.

पुलिस नाबालिग से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे हत्याओं में शामिल होने के लिए कैसे राजी किया गया और पीड़ितों को आरोपी तक पहुंचाने में उसकी क्या भूमिका रही. पुलिस आयुक्त ने कहा कि इतने गंभीर अपराध में एक नाबालिग की कथित संलिप्तता चिंता का विषय है और जांचकर्ता हर पहलू की जांच कर रहे हैं.

पुलिस आयुक्त ने कहा, "आरोपी की एक नाबालिग बेटी है. कई व्यक्तिगत और अन्य कारणों की जांच की जानी है. हमें समय चाहिए और अपराध में उसकी मदद करने वालों से पूछताछ की जा रही है. सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आरोपी ने कथित तौर पर नाबालिग बेटी की मदद से यह अपराध किया. यह गंभीर मामला है, क्योंकि वह नाबालिग है. हम जांच कर रहे हैं कि उसका ब्रेनवॉश कैसे किया गया, उसे कैसे राजी किया गया और उससे मदद कैसे ली गई."

पुलिस के अनुसार, इंदुशेखर ने सबसे पहले अपनी 40 वर्षीय पत्नी सुनीता की हत्या की. इसके बाद उसने अपनी 65 वर्षीय सास रूपावती को मार डाला. फिर उसने अपने 30 वर्षीय साले शिवकुमार, उनकी पत्नी दिव्या और उनके सात वर्षीय बेटे पुनीत की हत्या कर दी. आखिरी शिकार उसके दूसरे साले 40 वर्षीय शंकर और उनकी पत्नी नलिनी बने. उनका 10 वर्षीय बेटा जीवित बच गया.

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पुलिस हत्या के मकसद, वारदात की जगह और घटनाक्रम सहित कई पहलुओं की जांच कर रही है. आरोपी के बयान के अनुसार, हत्याएं 15 से 20 दिनों की अवधि में की गईं और ये एक ही घटना में नहीं हुईं. हालांकि, पुलिस उसके दावों की पुष्टि कर रही है.

पुलिस आयुक्त ने कहा, "हम यह जांच कर रहे हैं कि हत्याएं घर में की गईं या कहीं और. आरोपी ने सभी पीड़ितों को बुलाया था और अपराध एक साथ नहीं हुआ. उसके बयान के अनुसार, घटनाएं 15 से 20 दिनों में हुईं. इन सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है. सत्यापन पूरा होने के बाद हम और जानकारी साझा करेंगे."

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पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की को मामले में दूसरा आरोपी माना जा रहा है और उसने कथित तौर पर सभी हत्याएं होते हुए देखी थीं. आरोप है कि पत्नी की हत्या करने और शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपी ने अपनी बेटी के साथ मिलकर अन्य परिजनों को एक-एक करके घर बुलाया और उनकी हत्या कर दी. बाद में शवों को बोरियों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया.

इस बीच, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या श्रीरामपुरा में करीब 2.5 करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद इन हत्याओं का कारण था. जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए हत्याओं की योजना बना सकता था, क्योंकि संपत्ति कथित तौर पर पीड़ितों के नाम पर थी.

रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, इंदुशेखर ने कथित तौर पर किसी बहाने से अपनी सास के हस्ताक्षर छह स्टांप पेपर पर करवा लिए थे. उसकी पत्नी को यह बात अपनी मां से पता चली और उसने इस पर आपत्ति जताई. उसने कथित तौर पर सभी स्टांप पेपर वापस ले लिए थे. पुलिस को शक है कि इसी वजह से आरोपी के मन में पत्नी और उसके परिवार के प्रति नाराजगी पैदा हुई.

पुलिस के अनुसार, पहली हत्या 16 अक्टूबर को की गई थी. आरोपी ने कथित तौर पर शवों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर ठिकाने लगाया और इसके लिए अपनी कार का इस्तेमाल किया. जांचकर्ताओं को ऐसे सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें आरोपी कथित रूप से शवों को वाहन में ले जाता दिखाई दे रहा है.

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पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर दावा किया कि उसकी पत्नी उसे अक्सर निकम्मा कहकर ताना मारती थी, जिससे वह मानसिक तनाव में रहता था. पुलिस इस दावे और संपत्ति विवाद दोनों की जांच कर रही है, ताकि हत्या के असली मकसद का पता लगाया जा सके.

आरोप है कि 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच आरोपी ने रिश्तेदारों को संदेश भेजकर यह जताने की कोशिश की कि परिवार कहीं घूमने गया हुआ है. मामला तब सामने आया, जब नलिनी की मां ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.

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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन ट्रैक किया और पाया कि वह लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा रहा था. लापता परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन भी उसी के साथ लोकेशन दिखा रहे थे, जिससे शुरुआत में लगा कि सभी लोग साथ यात्रा कर रहे हैं. बाद में इसी से पुलिस को शक हुआ और आरोपी से पूछताछ शुरू की गई.

इसके बाद पुलिस इंदुशेखर को चिक्कबल्लापुर जिले के नंदी हिल्स इलाके में महाजर और तलाशी अभियान के लिए ले गई. वहां से सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद किया गया, जबकि अन्य शवों की तलाश जारी है.

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