- बेंगलुरु के इंजीनियरिंग छात्र को दोस्त की मदद करना महंगा पड़ गया. उसे साइबर फ्रॉड के जाल में फंसा दिया
- छात्र ने अपने बैंक खाते की डिटेल्स उसके साझा की थीं. लेकिन उसने गलत लेनदेन के लिए खाते का इस्तेमाल किया
- छात्र को जब धोखाधड़ी का पता चला तो उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामले की जांच शुरू कर दी गई है
बच्चों को घर में सिखाया जाता है कि दूसरों की मदद करनी चाहिए. आजकल की चालाकी भरी दुनिया में भी ऐसे बहुत से लोग हैं तो दूसरों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. लेकिन कभी-कभी दूसरों की मदद करना खुद को ही भारी पड़ सकता है. ऐसा ही हुआ बेंगलुरु के इंजीनियरिंग छात्र के साथ. उसे लगा था कि वह दोस्त की मदद कर रहा है, क्यों कि दोस्त मुसीबत में है. उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह 7 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड के मामले में कानूनी मुसीबत में फंस जाएगा.
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दोस्त ने साइबर फ्रॉड के जाल में फंसाया
इंजीनियरिंग छात्र पर उस समय मुसीबत में फंस गया, जब उसके बैंक खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड के लेन-देन में किया गया. पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, बेंगलुरु के एक नामी कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्र की दोस्ती आयुष नाम के एक शख्स के साथ करीब 1 साल पहले हुई थी.
किसी को अपनी बैंक डिटेल्स देने से पहले सावधान
दोस्त आयुष ने नवंबर 2025 में, छात्र को कथित तौर पर बताया कि लो बैलेंस होने की वजह से उसका बैंक खाता ब्लॉक कर दिया गया है. उनसे छात्र से पूछा कि क्या वह उसके बैंक खाते का अस्थायी तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. दोस्त पर भरोसा करते हुए उसने हां कह दिया. वह कहां जानता था कि वह किसी बड़ी मुसीबत में फंसने वाला है.
छात्र ने कथित तौर पर अपने कर्नाटक ग्रामीण बैंक अकाउंट की एक्सेस डिटेल्स आयुष के साथ शेयर कर दी, जिसमें एटीएम से जुड़ा एयरटेल सिम कार्ड, नेट बैंकिंग यूजर आईडी और पासवर्ड शामिल थे. उसने ये डिटेल्स डाक के जरिए भेजी थीं. ये सब दस्तावेज मिलते ही आयुष ने छात्र को व्हॉट्सऐप मैसेज किए.
7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला
कुछ महीनों बाद छात्र के बैंक ने उससे संपर्क किर उसे उसके अकाउंट से हुए साइबर फ्रॉड से जुड़े बड़े संदिग्ध लेनदेन की सूचना दी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके अकाउंट से करीब 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे.
छात्र का बैंक खाता तुरंत किया ब्लॉक
छात्र को जब यह महसूस हुआ कि उसके खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर अपराध गतिविधियों के लिए किया गया है तो उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया. उत्तरी डिवीजन साइबर पुलिस स्टेशन में आयुष और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले लेनदेन के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई है.













