पाकिस्तानी आकाओं से गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोप में बीईएल इंजीनियर गिरफ्तार

मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले चंद्रा से कई जानकारियां जुटाई गईं. उन्होंने कहा, “वह देशद्रोह में शामिल था. सैन्य खुफिया विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है. यह एक डरावना मामला है. उसने देश द्वारा निर्मित उपकरणों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी और निर्णय साझा किए थे.”

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खुफिया एजेंसियों ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के एक इंजीनियर को पाकिस्तान में अपने आकाओं से संवेदनशील जानकारियां साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिसमें संचार और रडार प्रणालियों से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं. कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

परमेश्वर ने संवाददाताओं को बताया कि बीईएल कर्मी ने महत्वपूर्ण फैसलों और यहां निर्मित उत्पादों के बारे में जानकारी साझा की थी. उन्होंने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में दीपराज चंद्रा नामक 36 वर्षीय व्यक्ति वरिष्ठ इंजीनियर के पद पर कार्यरत था. हमारे खुफिया अधिकारियों और सैन्य खुफिया अधिकारियों ने उसे पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के संपर्क में रहने के कारण हिरासत में लिया है. उसने अत्यधिक गोपनीय जानकारी साझा की थी.

मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले चंद्रा से कई जानकारियां जुटाई गईं. उन्होंने कहा, “वह देशद्रोह में शामिल था. सैन्य खुफिया विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है. यह एक डरावना मामला है. उसने देश द्वारा निर्मित उपकरणों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी और निर्णय साझा किए थे.”

सूत्रों के अनुसार, चंद्रा गाजियाबाद का मूल निवासी है और बीईएल की शोध टीम में कार्यरत था. उन्होंने बताया कि चंद्रा को बिटकॉइन के भुगतान के एवज में भारतीय सरकारी कार्यालयों की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पर कार्यालय के नक्शे, वरिष्ठ अधिकारियों और उत्पादन प्रणालियों से संबंधित संवेदनशील विवरण साझा करने का संदेह है. सूत्रों ने दावा किया कि लीक की गई जानकारी में संचार और रडार प्रणाली, परिचालन ढांचे, सुरक्षा प्रोटोकॉल और उच्च पदस्थ अधिकारियों के बारे में विवरण शामिल है. 

उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि चंद्रा ने पाकिस्तान में किसके साथ ये संवेदनशील जानकारियां साझा कीं. सूत्रों के अनुसार, जानकारी साझा करने के लिए चंद्रा ईमेल, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे कूट संचार माध्यमों का इस्तेमाल करता था.

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जांचकर्ताओं को संदेह है कि चंद्रा ने वर्गीकृत जानकारी अलग से तैयार की, इसे एक अलग ईमेल आईडी बनाकर सहेजा और पकड़े जाने से बचने के लिए सीधे संदेश भेजने के बजाय लॉगिन से जुड़ी जानकारी साझा की. केंद्रीय एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी दो अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रहे हैं, जो आरोपी के संपर्क में थे. चंद्रा ने किस हद तक सामग्री साझा की, इसका पता लगाने के लिए अधिकारी डिजिटल लेनदेन और संचार की जांच कर रहे हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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