Guwahati News: असम सरकार ने राज्य में एलपीजी गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अनियमितताओं और नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप में सरकार ने राज्यभर के पांच गैस वितरकों के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं. मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, इन एजेंसियों की सप्लाई चेन पूरी तरह रोक दी गई है.
इन 5 एजेंसियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए वितरकों में बी.एम. गैस सर्विस, बिस्वानथ गैस डिस्ट्रीब्यूटर, गदाधर गैस सर्विस, के.ए. इंडेन ग्रामीण वितरक और प्रकाश इंडेन एजेंसी शामिल हैं.
क्यों हुई यह सख्त कार्रवाई?
यह कार्रवाई पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों के साथ मिलकर चलाए गए एक सघन निगरानी अभियान के तहत की गई है. जिसमें इन एजेंसियों के कामकाज में भारी खामियां पाई गई थीं. वर्तमान में पश्चिम एशिया के मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए ईंधन आपूर्ति की सतर्कता बढ़ाई गई है, ऐसे में किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता को रोकने के लिए यह 'जीरो टॉलरेंस' एक्शन लिया गया है.
उपभोक्ताओं को नहीं होगी परेशानी
मुख्य सचिव कार्यालय के जरिए जारी बयान के अनुसार, इन एजेंसियों को एलपीजी की आपूर्ति रोक दी गई है और अगली सूचना तक सप्लाई प्लानिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन (एसपीडी) प्रणाली के तहत इन्हें कोई आवंटन नहीं किया जाएगा.
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इन एजेंसियों से जुड़े उपभोक्ताओं को अन्य वितरकों से जोड़ दिया गया है, ताकि रसोई गैस की आपूर्ति बिना किल्लत के जारी रहेगी.
वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति 70 प्रतिशत की गई
इस बीच, राज्य सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी प्रकार की कमी नहीं है. घरेलू उपभोक्ताओं को पूरा आवंटन मिल रहा है, जबकि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है.
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