10 लाख से ज्‍यादा वोटरों के नाम कटे, असम में स्‍पेशल रिवीजन का काम पूरा

SIR के लिए 22 नवंबर से 20 दिसंबर तक घर-घर जाकर सत्यापन करने के बाद मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई.

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  • असम में SIR दौरान 10.56 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं जो विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण कदम है
  • राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2.51 करोड़ से अधिक है, जिसमें से डी-वोटर के 93,021 मतदाता शामिल नहीं हैं
  • डी-वोटर वे मतदाता हैं जिन्हें नागरिकता प्रमाण पत्र की कमी के कारण मताधिकार से वंचित किया गया है
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गुवाहाटी:

असम में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद 10.56 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. राज्य में छह महीने से भी कम समय में विधानसभा चुनाव होने हैं. निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को जारी एकीकृत मसौदा मतदाता सूची के अनुसार, राज्य में कुल 2,51,09,754 मतदाता हैं, जिनमें 93,021 ‘डी-वोटर' को बाहर रखा गया है. इसके अतिरिक्त, मृत्यु, स्थानांतरण या एकाधिक प्रविष्टियों के कारण 10,56,291 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं.

‘डी-वोटर' विवाद क्या है

असम में 'डी-वोटर' मतदाताओं का एक वर्ग है, जिन्हें कथित तौर पर उचित नागरिकता प्रमाण पत्रों की कमी के कारण सरकार द्वारा मताधिकार से वंचित कर दिया गया है. 'डी-वोटर्स' का निर्धारण विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत विशेष न्यायाधिकरणों द्वारा किया जाता है और 'डी-वोटर' घोषित व्यक्ति को मतदाता कार्ड नहीं दिया जाता है. नाम, आयु और फोटो जैसे सभी संबंधित विवरण, ‘डी-वोटर' के लिए बिना किसी बदलाव के मसौदा मतदाता सूची में शामिल कर लिए गए हैं.

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सत्यापन के बाद मसौदा सूची जारी

SIR के लिए 22 नवंबर से 20 दिसंबर तक घर-घर जाकर सत्यापन करने के बाद मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई. एक बयान में कहा गया कि अब मतदाता 22 जनवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे और अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी. मतदाता 22 जनवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे एवं अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी.

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61 लाख घरों में हुआ सत्यापन

बयान के अनुसार, 10.56 लाख मतदाताओं में से मृत्यु के कारण 4,78,992 नाम हटा दिए गए, 5,23,680 मतदाता अपने पंजीकृत पते से स्थानांतरित हो गए थे, और जनसांख्यिकीय रूप से समान 53,619 प्रविष्टियों को सुधार के लिए चिह्नित किया गया. राज्य भर में 61,03,103 घरों में सत्यापन किया गया. केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के साथ असम में निर्वाचन आयोग द्वारा एक विशेष पुनरीक्षण का आदेश दिया गया.

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