अश्विनी वैष्णव महत्वपूर्ण खनिज संबंधी बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन पहुंचे

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईए) के अनुसार, चीन तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और दुर्लभ खनिज तत्वों सहित अधिकांश खनिजों का अग्रणी शोधक (रिफाइनर) है और इसकी औसत बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है.

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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा आयोजित एक अहम बैठक में भाग लेने के लिए रविवार को वाशिंगटन डीसी पहुंचे. बेसेंट महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा करने के लिए जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक की वाशिंगटन में मेजबानी करेंगे. जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय संघ शामिल हैं.

खबरों के अनुसार, भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री का भी कार्यभार संभाल रहे वैष्णव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'वाशिंगटन डीसी पहुंच गया हूं. कल महत्वपूर्ण खनिज संबंधी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लूंगा. 'विकसित भारत' के हमारे लक्ष्य के लिए सुरक्षित महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाएं अत्यंत आवश्यक हैं.'

महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों को सुरक्षित करना ट्रंप प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि 'प्रतिकूल विदेशी शक्तियों के खनिज उत्पादन पर निर्भरता के कारण अमेरिका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है.'

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईए) के अनुसार, चीन तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और दुर्लभ खनिज तत्वों सहित अधिकांश खनिजों का अग्रणी शोधक (रिफाइनर) है और इसकी औसत बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है.

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