बोलने का अधिकार है, गाली देने का नहीं : नवाब मलिक की बेटी ने देवेंद्र फडणवीस को भेजा नोटिस

नवाब मलिक ने ये भी कहा कि गुजरात के द्वारका में 350 करोड़ नशे की खेप पकड़ी गई थी.इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है. ड्रग्स का खेल गुजरात से तो नहीं चल रहा. गोसावी पाटिल अहमदाबाद  जाते थे.

विज्ञापन
Read Time: 11 mins

नवाब मलिक की बेटी ने पूर्व सीएम फडणवीस को भेजा कानूनी नोटिस

नई दिल्ली:

नवाब मलिक (Nawab Malik) की बेटी ने पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को एक कानूनी नोटिस भेजा है. उन्‍होंने नोटिस भेजते हुए कहा कि बोलने का अधिकार है, गाली देने का नहीं. साथ ही उन्‍होंने सवाल उठाया कि गुजरात में ही नशे की खेप क्‍यों पकड़ी जा रही है. उन्‍होंने कहा कि द्वारका में नशे की खेप पकड़ी गई, कहीं गुजरात से ही तो नशे का खेल नहीं चल रहा है. नवाब मलिक ने ये भी कहा कि क्रूज ड्रग्स केस से जुड़े लोग भी गुजरात जाते थे, उनका वहां के एक मंत्री से संबंध भी है.

नवाब मलिक ने कहा कि मेरी बेटी ने देवेंद्र फडणवीस को नोटिस भेजा है.फडणवीस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में परसों हमारे दामाद पर आरोप लगाए थे कि उनके पास ड्रग्स मिले थे. हमारी बेटी ने उनकी कानूनी नोटिस भेजा है कि क्षमा मांगें नहीं तो उन पर मानहानि का केस किया जाएगा. मलिक ने ये भी कहा कि गुजरात के द्वारका में 350 करोड़ नशे की खेप पकड़ी गई थी.इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है. ड्रग्स का खेल गुजरात से तो नहीं चल रहा. गोसावी पाटिल अहमदाबाद  जाते थे. महाराष्ट्र में 2-3 ग्राम ड्रग्स की कार्यवाही में फिल्म वालों को परेड करवा दी थी.  लोगों के मन में शंका खड़ी हो रही है कि द्वारका में 350 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई, उम्मीद है कि इसकी जांच सही तरह से होगी. डीजी एनसीपी इसको गंभीरता से लेंगे.

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ ध्यानदेव वानखेड़े द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ‘सरकारी अधिकारी' हैं और कोई भी उनके कामकाज की समीक्षा कर सकता है. समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने मलिक से 1.25 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि और वानखेड़े परिवार के खिलाफ भविष्य में कोई भी फर्जी या गलत टिप्पणी करने से रोकने के लिए स्थगनादेश मांगा है.राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता ने समीर वानखेड़े पर तमाम आरोप लगाए हैं जिनमें सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप भी शामिल है. सुनवाई के दौरान ध्यानदेव वानखेड़े के अधिवक्ता अरशद शेख ने सवाल किया कि समीर को ऐसे व्यक्ति को स्पष्टीकरण क्यों देना चाहिए जो ‘‘सिर्फ एक विधायक है कोई अदालत नहीं.'' इस पर न्यायमूर्ति माधव जामदार ने कहा, ‘‘आप सरकारी अधिकारी हैं... आपको सिर्फ इतना साबित करना है कि ट्वीट (मलिक द्वारा किए गए ट्वीट) पहली नजर में गलत हैं... आपके पुत्र सिर्फ एक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वह एक सरकारी अधिकारी हैं और जनता का कोई भी सदस्य उनकी समीक्षा कर सकता है.''
 

Advertisement
Topics mentioned in this article