- पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होना है, पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान हुआ.
- इस बीच ग्लोबल इंवेस्टर रुचिर शर्मा ने NDTV के खास शो 'वॉक द टॉक' में बंगाल की सियासत पर खुलकर चर्चा की.
- उन्होंने कहा बंगाल में एंटी इनकंबेंसी महसूस हो रही है, चुनाव काफी कठिन और उलझा हुआ है.
Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले चरण की बंपर वोटिंग के बाद अब सबकी नजरें दूसरे चरण की वोटिंग और नतीजों पर टिकी है. दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होनी है. जिसमें राज्य की 142 सीटों पर मतदान होना है. पहले चरण में बंगाल में रिकॉर्ड तोड़ 92.88 प्रतिशत मतदान हुई. जो भारत के चुनावी इतिहास का सबसे ज्यादा माना जा रहा है. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सीधी टक्कर के बीच हर कोई अब बंपर वोटिंग को डिकोड करने में लगा है.
बंगाल चुनाव पर NDTV से रुचिर शर्मा की खास बातचीत
इस बीच NDTV के खास शो 'वॉक द टॉक' में ग्लोबल इंवेस्टर और लेखक रुचिर शर्मा ने एडिटर इन चीफ राहुल कंवल से बंगाल चुनाव पर विस्तृत बातचीत की. इस बातचीत में उन्होंने बताया कि यह उनका भारत का 34वां चुनावी दौरा है. मालूम हो कि तमिलनाडु में जन्मे रुचिर शर्मा अब अमेरिका में बस चुके हैं.
'बंगाल में एंटी इनकंबेंसी तो है'
बंगाल चुनाव के बारे में रुचिर शर्मा ने कहा, "बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरने के बाद से कोलकाता में घूमते हुए मुझे जो महसूस हुआ, उससे यह साफ है कि बंगाल में एंटी इनकंबेंसी है. बिहार में मैं बहुत क्लियर था, वहां JDU-BJP के बीच गठबंधन था. वहां नीतीश के प्रति सहानुभूति थी. लेकिन यहां मामला उलझा हुआ है. हर कोई यह जानना चाहता है कि बंगाल के चुनाव में क्या होगा? यह काफी टफ चुनाव है."
'10 प्रतिशत वोट शेयर के अंतर को कम करने की लड़ाई'
उन्होंने आगे कहा कि भारत के चुनावी इतिहास में यह बहुत रेयर होता है कि एक इलेक्शन सर्कल में दो दलों के बीच 10 प्रतिशत वोट शेयर का अंतर हो. मुझे लगता है कि इस बार के चुनाव में इस अंतर को कम करने की लड़ाई है. दो दलों के बीच मतों का यह कितना होता है, यह देखने वाली बात होगी.
'फ्रीबीज अब हर राज्य में चुनाव जीतने का टूल'
चुनाव पूर्व लोकलुभावनी वादों वाले फ्री-बीज स्कीम पर उन्होंन कहा कि ममता बनर्जी ने भी चुनाव से पहले कैश ट्रांसफर की बड़ी कोशिश की है. एमपी से शुरू हुई यह स्कीम अब सभी राज्यों में सभी राजनीतिक दलें यूज कर रही है, ताकि वो चुनाव जीत सके.
बंपर वोटिंग के बारे में रुचिर शर्मा ने कहा कि आपने देखा होगा कि पिछले चुनाव में भी बंगाल में खूब वोटिंग हुई थी. SIR के कारण इस बार वोटिंग प्रतिशत और बढ़ा है. यह वोट प्रतिशत केवल बंगाल ही नहीं तमिलनाडु में भी बढ़ा है.
बंगाल चुनाव पर NDTV के एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल के साथ बात करते ग्लोबल इंवेस्टर रुचिर शर्मा.
वोटिंग प्रतिशत बढ़ने से किसे फायदा?
वोटिंग प्रतिशत बढ़ने से किसे फायदा होगा... इसपर रुचिर शर्मा ने कहा कि कैडर बेस पार्टी कम वोटिंग में ज्यादा बेहतर कर पाती है. लेकिन जिस पार्टी का कैडर कमजोर होता है वो अधिक वोटिंग में फायदेमंद रहती है. कौन जीत रहा है, यह हर कोई जानना चाहता है, लेकिन इस बार के चुनाव में सबसे खास बात यह लग रही है कि मार्जिन बहुत कम का होगा.
मार्जिन कम पर रुचिर ने तमिलनाडु का उदाहरण दिया
मार्जिन कम होने की बात पर रुचिर शर्मा ने तमिलनाडु का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, तमिलनाडु में DMK और AIDMK में 10 प्रतिशत के वोट का अंतर था. जबकि तमिलनाडु में स्टेट फ्लिप का रिवाज रहा है. केरला, पंजाब सहित कई राज्यों में लोग हर चुनाव में सत्ता बदलने की कोशिश करते हैं. लेकिन बंगाल का सायलेंट वोटिंग इस बार किसे सत्ता दिलाएगी, इसके बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी.
अलग-अलग देशों में घूमते हैं रुचित, कई बड़े अखबारों में छपते हैं उनके लेख
बताते चले कि रुचिर शर्मा हर महीने में एक हफ्ता अलग-अलग देशों में घूमते हैं, जहां वे बड़े नेताओं, सीईओ और दूसरे स्थानीय तौर पर बड़े लोगों से मुलाकात करते हैं. उनके लेख द वॉल स्ट्रीट जरनल, द फाइनेंशियल टाइम्स, द वॉशिंगटन पोस्ट, फॉरेन अफेयर्स, फॉरेन पॉलिसी, ब्लूमबर्ग और द गार्जियन आदि में भी छपते रहे हैं.
NDTV वॉक द टॉक का यह खास शो आज 25 अप्रैल रात में टीवी पर प्रसारित किया जाएगा, इस पूरे इंटरव्यू को आप इस लिंक पर क्लिक कर देख सकेंगे.
यह भी पढ़ें - वर्ल्ड इकोनॉमी को AI करेगी ड्राइव, अमेरिकी कंपनियां अरबों डॉलर कर रही इन्वेस्ट: NDTV से बोले रुचिर शर्मा














