'नई तकनीक से लेकर आतंकवाद से निपटने की तैयारी तक', आतंकवाद निरोधी सम्मेलन में शिरकत करेंगे अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ का उद्घाटन करेंगे. दो दिवसीय सम्मेलन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित किया जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस विजन के तहत आयोजित यह वार्षिक सम्मेलन उभरते खतरों से निपटने के लिए भारत की अगली पीढ़ी की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने का एक मंच बन गया है.सम्मेलन ऑपरेशनल फोर्सो, तकनीकी, कानूनी और फोरेंसिक विशेषज्ञों और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में लगी एजेंसियों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों और आतंकवाद से उत्पन्न होने वाले खतरों पर विचार-विमर्श करने के एक मंच के रूप में उभरा है.

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘Whole of the Government approach' की भावना से आतंकवाद के खतरे के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच तालमेल विकसित करना और भविष्य की नीति निर्माण के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत करना है.दो दिवसीय सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और विचार-विमर्श का उद्देश्य आतंकवाद विरोधी मुद्दों से निपटने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुभवों और अच्छी प्रथाओं (good practices) और आतंकी जांच से मिली सीख को साझा करना है.

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन' का उद्घाटन करेंगे. दो दिवसीय सम्मेलन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित किया जा रहा है.प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस विजन के तहत आयोजित यह वार्षिक सम्मेलन उभरते खतरों से निपटने के लिए भारत की अगली पीढ़ी की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने का एक मंच बन गया है. यह सम्मेलन ऑपरेशनल फोर्सो, तकनीकी, कानूनी और फोरेंसिक विशेषज्ञों और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में लगी एजेंसियों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों और आतंकवाद से उत्पन्न होने वाले खतरों पर विचार-विमर्श करने के एक मंच के रूप में उभरा है.

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘Whole of the Government approach' की भावना से आतंकवाद के खतरे के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए औपचारिक और अनौपचारिक चैनल स्थापित करके विभिन्न हितधारकों के बीच तालमेल विकसित करना और भविष्य की नीति निर्माण के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत करना है.दो दिवसीय सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और विचार-विमर्श का उद्देश्य आतंकवाद विरोधी (CT) मुद्दों से निपटने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुभवों और अच्छी प्रथाओं (good practices) और आतंकी जांच से मिली सीख को साझा करना है.

Advertisement

इस सम्मेलन में विदेशी न्यायक्षेत्रों से साक्ष्य एकत्र करने आतंकवाद विरोधी जांच में डिजिटल फोरेंसिक और डेटा विश्लेषण, मुकदमे का प्रभावी प्रबंधन, कट्टरता से निपटना, जासूसी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उभरते hybrid खतरों सहित आतंकवाद से संबंधित अन्य विषयों पर सत्र शामिल हैं. इसके अलावा दो दिन के सम्मेलन में, आतंकवाद वित्तपोषण नेटवर्क को बाधित करने के टूल्स, तकनीक और केस स्टडी, भविष्य के लिए आतंकवाद विरोधी रणनीतियों का निर्माण और उभरते राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों से निपटने के लिए संस्थागत क्षमताओं के निर्माण पर सत्रों को भी शामिल किया गया है.सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद विरोधी मुद्दों से निपटने वाली केंद्रीय एजेंसियों/विभागों के अधिकारी और कानून, फोरेंसिक, प्रौद्योगिकी आदि जैसे संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं.

Featured Video Of The Day
Assam Elections: Gaurav Gogoi पर क्यों भड़के Sarbananda Sonowal? हेलीकॉप्टर में EXCLUSIVE Interview
Topics mentioned in this article