नेहरू से लेकर इंदिरा तक... जब अमित शाह ने संसद में दिए वोट चोरी के उदाहरण

लोकसभा में गृह मंत्री शाह ने आरोप लगाया कि पहली वोट चोरी जवाहर लाल नेहरू ने, दूसरी इंदिरा गांधी ने और तीसरी सोनिया गांधी ने की थी.

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  • अमित शाह ने लोकसभा में राहुल गांधी और कांग्रेस के वोट चोरी और SIR में गड़बड़ी के आरोपों पर तीखा पलटवार किया
  • शाह बोले- आजादी के बाद पीएम चुनने के लिए वोटिंग में पटेल को 28, नेहरू को 2 वोट मिले, फिर भी नेहरू पीएम बन गए
  • उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी वोट चोरी इंदिरा गांधी ने रायबरेली से अनैतिक तरीके से चुनाव जीतकर की थी
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वोट चोरी और SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी के लगातार आरोप लगा रहे राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर अमित शाह ने बुधवार को तीखा हमला किया. लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने जोरदार पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पहली वोट चोरी जवाहर लाल नेहरू ने, दूसरी इंदिरा गांधी ने और तीसरी सोनिया गांधी ने की थी. 

पहली 'वोट चोरी'

अमित शाह ने कहा कि वोट चोरी की तीन घटनाएं बताना चाहता हूं. चुनावी धांधली या वोट चोरी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि स्वतंत्रता के बाद देश के प्रधानमंत्री का चुनाव राज्य प्रमुखों के वोटों के आधार पर होना था. सरदार पटेल को 28 वोट मिले, जबकि नेहरू को केवल दो. फिर भी, आश्चर्यजनक रूप से नेहरू प्रधानमंत्री बन गए. जब कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता बन जाता है तो इसे भी वोट चोरी का मामला माना जाता है.

दूसरी 'वोट चोरी'

अमित शाह ने आगे कहा कि दूसरी वोट चोरी उस समय हुई, जब इंदिरा गांधी रायबरेली से अनैतिक तरीके से जीतीं. इसके खिलाफ राजनारायण जी हाईकोर्ट में पहुंचे. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तय कर दिया कि इंदिरा गांधी ने उचित तरीके से चुनाव नहीं जीता था. ये भी वोट चोरी थी. उसके बाद इस वोट चोरी को ढकने के लिए संसद में कानून लाया गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई मुकदमा ही नहीं चल सकता. शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता चुनाव आयोग की इम्युनिटी पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन जो इम्युनिटी इंदिरा जी ने स्वयं के लिए ली थी, उस पर आपका क्या कहना है.

तीसरी 'वोट चोरी'

अमित शाह ने तीसरी कथित वोट चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने आप को इम्युनिटी दी. फिर जब संवैधानिक सुधार का वायरस चढ़ा तो उन्होंने दो, तीन, चार नंबर के जज को बाईपास करते हुए जज को सुपरसीड कर लिया और चीफ जस्टिस बना दिया. 

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अमित शाह ने आगे कहा कि योग्यता नहीं थी, फिर भी मतदाता बन गए. अभी-अभी एक मामला दिल्ली की अदालत में पहुंचा है कि सोनिया गांधी इस देश की नागरिक बनने से पहले मतदाता थीं. विपक्ष के हंगामे पर शाह ने कहा कि मैंने तथ्यात्मक बात कही है, केस चल रहा है. इसका जवाब तो सोनिया गांधी को अदालत में देना है, यहां नहीं. यहां जवाब क्यों दे रहे हैं. केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सोनिया गांधी उस चुनाव में वोटर नहीं थीं. मैं गृह मंत्री को चुनौती देता हूं कि वो यह साबित करें. इस पर शाह ने कहा कि मैंने कोई निर्णय नहीं दिया है, जो मामला आया है, बस उसका संदर्भ दिया है. 
 

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