ईरान युद्ध ने भारत में जिस चीज पर सबसे ज्यादा असर डाला है, उसमें एलपीजी सबसे प्रमुख है. एलपीजी संकट इतना गहरा है कि सरकार को भी वैकल्पिक उपाय तलाशने पड़ रहे हैं. इन्हीं में से एक है घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी को बढ़ावा देना. सरकार की पहल पर पीएनजी कनेक्शन लेने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. मार्च से लेकर अब तक 3.42 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं. इसके अलावा नए कनेक्शन के लिए 3.7 लाख रजिस्ट्रेशन भी हो चुके हैं.
तेजी से बढ़ रहा पीएनजी नेटवर्क
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के नेटवर्क के विस्तार में तेजी आई है. मंत्रालय ने राज्य सरकारों को डॉमेस्टिक और कमर्शल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में सहयोग के निर्देश दिए हैं.
इंडक्शन, इलेक्ट्रिक कुकर बना सहारा
पेट्रोलियम मंत्रालय पीएनजी पर जोर देने के अलावा इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक साधनों के इस्तेमाल पर भी जोर दे रहा है. इसके पीछे विचार ये है कि अगर पश्चिम एशिया संकट की वजह से एलपीजी और महंगी होती है या उसकी किल्लत बनी रहती है तो लोगों के पास बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रिक चूल्हों का विकल्प रहे.
रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया
युद्ध की चुनौतियों के बीच सरकार सप्लाई और डिमांड दोनों चीजों पर फोकस कर रही है. एलपीजी संकट को देखते हुए रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ा दिया गया है. शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग की टाइमिंग 21 से बढ़ाकर 25 दिन हो गई है. ग्रामीण इलाकों में अब 45 दिन के बाद ही एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग हो रही है.
कोयला, केरोसिन का भी विकल्प
एलपीजी की डिमांड कम करने के लिए केरोसिन और कोयला जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरिज को राज्यों को अधिक कोयला आवंटित करने के निर्देश दिए हैं.
5 लाख छोटे सिलेंडर बेचे गए
सरकार ने राज्यों को स्थानीय जरूरत के हिसाब से 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर बांटने पर भी विचार के लिए कहा है. 23 मार्च से अब तक 5 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिनमें से 67 हजार सिलेंडर तो गुरुवार को ही बिके.
सरकार का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी से सप्लाई कम होने के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. पेट्रोलियम सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में ईंधन आपूर्ति की समीक्षा की और आवश्यक सेवाओं के लिए एलपीजी उपलब्ध कराने को प्राथमिकता के निर्देश दिए. साथ ही जमाखोरी, डायवर्जन और गलत जानकारी पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है.














