- यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव प्रदेश के कई जिलों का दौरा कर रहे हैं
- अखिलेश यादव पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे
- प्रयागराज दौरे पर उन्होंने शिक्षा नीति, पेपर लीक और गंगा सफाई जैसे स्थानीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी
उत्तर प्रदेश की राजनीति विधानसभा चुनाव से पहले गरमाने लगी है. राजनीतिक दलों ने अब अपनी तैयारी करना शुरू कर दिया है. पूरे प्रदेश में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि चुनाव कहीं समय से पहले ना हो जाएं. इसलिए राजनैतिक दल भी चौकन्ने हो गए है. इन्हीं सब की वजह से समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के दौरे पर निकल चुके हैं. अखिलेश हर जिले में जाते हैं अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हैं, उनसे फीडबैक लेते हैं और जिसे उम्मीदवार बनाना है उसे इशारों में ही तैयारी करने के लिए बोल देते हैं. अगर जरूरी लगता है तो अखिलेश यादव रात भी उसी जिले में बिताने में नहीं हिचकिचाते हैं.
पार्टी कार्यकर्ताओं के घर जा रहे अखिलेश
अखिलेश जिस भी जिले में जाते हैं तो वहां वे पुराने समाजवादी पार्टी के नेता या कहें मुलायम सिंह के साथी नेताओं के घर जाने से भी परहेज नहीं करते हैं, उनसे जरूर मिलते हैं साथ ही जो उनके विधायक या सांसद हैं उनके घर भी जाते हैं. इससे कार्यकर्ताओं में जोश भरा रहता है और उसे लगता है कि नेता की नजर में उसकी कुछ कीमत है. यही नहीं अखिलेश यादव जिस शहर में होते हैं वहां जब भी प्रेस कांफ्रेंस करते हैं तो उस जिले की समस्याओं पर जरूर बोलते हैं. जैसे पिछले दिनों वो दो दिन के लिए प्रयागराज में थे, उन्होंने शिक्षा नीति पर बात की, छात्रों के बारे में चर्चा की,पेपर लीक पर सरकार को घेरा.
अखिलेश यादव को मालूम है कि प्रयागराज शिक्षा का केंद्र है उन्होंने कहा कि यदि सपा की सरकार बनती है तो प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की जाएगी, केजी से पीजी तक लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी और सरकारी स्कूलों में सभी वर्ग के बच्चों को इंटरमीडिएट तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. प्रयागराज में अखिलेश ने गंगा सफाई की बात की और कहा कि गंगा साफ नहीं हुई मगर उसका बजट साफ हो गया.
कई मुद्दों पर खुलकर बोल रहे अखिलेश यादव
कहने का मतलब है कि अखिलेश यादव केवल राम मंदिर के चंदा चोरी तक ही आपने आप को सीमित नहीं रखना चाहते हैं. वो अब खुल कर बुलडोजर और फर्जी एनकाउंटर पर बोलने लगे हैं. अपने दो दिनों के दौरे पर अखिलेश यादव ने जमीन पर संगठन को और मजबूत करने, बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, जनता से जुड़े रहने और जनता के मुद्दे उठाने पर बात की.
जहां तक कांग्रेस की बात करें तो अखिलेश ने यह भी साफ कर दिया कि विधानसभा का चुनाव सपा और कांग्रेस मिलकर लड़ेंगी. उनका कहना है कि इस गठबंधन को लोकसभा चुनाव में अच्छी सफलता मिली थी तो विधानसभा में क्यों नहीं मिलेगी. हालांकि कांग्रेस के साथ बातचीत का ब्यौरा देने से इनकार कर दिया और मायावती के सवाल पर चुप्पी साध ली.
कुछ मिला कर अखिलेश यादव की रणनीति साफ है कि मौजूदा मुद्दों को छोड़ना नहीं है और अपने वोट बैंक में इजाफा करना है.
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