Exclusive: उनको तो मेरी परछाई से भी डर लगता है... महाराष्ट्र में कांग्रेस शरद, उद्धव पर ऐसा क्यों बोले ओवैसी?

Owaisi Interview: ओवैसी ने कहा कि आरोप लगने की मुझे इसकी कोई फिक्र नहीं है, क्यों कि आरोप लगाने वाले गुरूर और अहंकार का शिकार हैं. उनको लगता है कि अगर वह राजनीति में हैं तो उनको खुदा ने ही उनको राजनीति करने का हक दिया है.  उनको लगता है कि दूसरे गुलामी करेंगे और दरी बिछाएंगे.

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ओवैसी का खास इंटरव्यू
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  • महाराष्ट्र और मुंबई के नगरपालिका चुनाव में AIMIM ने कई वार्डों में जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है
  • ओवैसी ने कहा कि AIMIM के नॉन मुस्लिम दलित उम्मीदवारों ने भी चुनाव में बड़ी संख्या में जीत दर्ज की है
  • ओवैसी ने कहा कि पार्टी हर समुदाय के वोटरों से समर्थन पाती है और मुस्लिम नेतृत्व पर विशेष ध्यान देती है
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नई दिल्ली:

महाराष्ट्र और मुंबई नगरपालिका चुनाव में कई जगहों पर शानदार सफलता  हासिल करने के बाद आईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. इस सफलता के लिए उन्होंने आवाम का शुक्रिया अदा किया और इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी इस जीत के लिए बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने गैर मुस्लिम राजनीति पर भी खुलकर बात की.

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सवाल- बिहार के बाद महाराष्ट्र में हासिल इस कामयाबी के बाद आगे की रणनीति क्या होगी? क्या आपकी राजनीति मुस्लिम बहुत इलाकों में केंद्रित रहेगी या AIMIM का व्यापक स्वरूप भी देखने को मिलेगा?

इस सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि बीएमसी चुनाव में एक विधानसभा के 8 वार्ड में से 6 में हमने जीत हासिल की है. यहां पर एक नॉन मुस्लिम दलित उम्मीदवार ने जीत हासिल की है. जबकि लोग कहते थे कि ये तो शिवसेना का गढ़ है, यहां से उनके जीतने का सवाल ही पैदा नहीं होता. वहां पर हम लोग जीत गए.

नारेगांव प्रभाग में भी नॉन मुस्लिम दलित उम्मीदवार बहुत बड़ी मेजोरिटी से जीते हैं. ऐसे में सिर्फ मुसलमान-मुसलमान बोलना गलत है. ओवैसी ने कहा कि हर कम्युनिटी का वोट मिलता है, तभी तो जीत हासिल होती है. हां ये बात सही है कि हम चाहते हैं कि मुस्लिम समाज की पॉलिटिकल लीडरशिप बने. वह इंसाफ, विकास, सम्मान के लिए तमाम तालों को खोलने वाली चाबी है. इस पर हम काम कर रहे हैं.

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सवाल- क्या यही रणनीति आपके लिए काम कर रही है. क्या आने वालो दिनों में हम AIMIM से और हिंदू चेहरों को लड़ते हुए देखेंगे?

ओवैसी से कहा कि गैर मुस्लिम चहरे अभी भी चुनाव लड़ रहे हैं और जीत भी रहे हैं. आप आगे भी ये देखेंगे.

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सवाल- कई लोग कह रहे हैं कि आपकी वजह से जो ध्रुवीकरण हुआ है उससे बीजेपी को भी फायदा हुआ है. एक तरफ भगवा चमका तो दूसरी तरफ हरा चमका.

इस सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि देश की लैला तो हम हैं, हमसे कोई खुश नहीं है. हमारे राजनीतिक विरोधी चाहे महिला हो या परुष, उनको लगता है सिर्फ इल्जाम लगा दो. अकोला में हमारे तीन उम्मीदवार जीते. 62 हजार के करीब हमें वोट मिला है और फिर भी आपको तकलीफ हो रही है. एक जगह पर हमारे 14 उम्मीदवार जीते हैं, धूलिया में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अजित पवार के साथ चले गए. औरंगाबाद में इम्तियाज अली को बहुत ही बदनाम करने की कोशिश की गई लेकिन फिर भी वहां पर हमारे 33 उम्मीदवार जीते.

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ओवैसी ने कहा कि इल्जाम लगाने वालों का क्या किया जा सकता है. अगर मुंबई में हम जीतते हैं और शरद और अजिद पवार नहीं जीतते हैं तो इसमें हमारी क्या गलती है. जनता हम पर विश्वास जता रही है. ओवैसी ने कहा कि आरोप लगने की मुझे इसकी कोई फिक्र नहीं है, क्यों कि आरोप लगाने वाले गुरूर और अहंकार का शिकार हैं. उनको लगता है कि अगर वह राजनीति में हैं तो उनको खुदा ने ही उनको राजनीति करने का हक दिया है.  उनको लगता है कि दूसरे गुलामी करेंगे और दरी बिछाएंगे. वो जमाना अब खत्म हो चुका है. ओवैसी ने विरोधियों को नसीहत देते हुए कहा कि तुम अपने घर में बैठकर भी ऐसी राजनीति नहीं कर पाओगे, बाहर तो छोड़ दो. जनता ये देख रही है कि हमको अपने लिए लीडरशिप चाहिए. अगर कोई ये कहता है कि तुम्हारा नसीब यही है कि तुम दरी बिछाओ तो ये नहीं हो पाएगा.

सवाल- क्या आप कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव सेना से दूरी बनाए रखेंगे या स्थानीय स्तर पर समझौता करने के लिए ओपन हैं?

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ओवैसी ने कहा कि उनको तो मेरी परछाई से भी डर लगता है इसमें मैं क्या कर सकता हूं. कहीं उनको अगर नाम लेना हो तो वे गाली के सिवाय नाम ही नहीं लेते. उन्होंने मेरे लिए इस चुनाव में क्या-क्या अनाप-शनाप नहीं कहा. हमने तो बिहार चुनाव के दौरान भी लेटर लिखकर दिया था. उन्होंने तो जोकर से लेकर क्या-क्या नहीं कह दिया.जो मन और जवान में आता था बोल देते थे. लेकिन सीमांचल की जनता ने उनको जवाब दिया. अब महाराष्ट्र की जनता ने भी आपको जवाब दे दिया. हम तो चुनाव लड़ेंगे, जीतेंगे और जनता नहीं चाहेगी तो हारेंगे भी.
 

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