- एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने स्टेज-IV कोलन कैंसर से पीड़ित मुनमुन झा के पेट से 19.9 किलो का ट्यूमर निकाला
- मुनमुन झा के पेट में बहुत अधिक सूजन थी और कैंसर शरीर के कई हिस्सों में फैल चुका था
- एम्स की टीम ने दो चरणों में जटिल सर्जरी कर 12 जनवरी 2026 को ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला
डॉक्टरों को भगवान का दर्जा यूं ही नहीं दिया जाता, वह जिंदगी बचाते हैं. इसीलिए वे ईश्वर तुल्य माने जाते हैं. एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने एक ऐसा चमत्कार कर दिखाया है, जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है. पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली 42 साल की मुनमुन झा स्टेज-IV कोलन कैंसर से पीड़ित थीं. कैंसर उनके शरीर के कई हिस्सों में फैल चुका था. उनके पेट में बहुत ज्यादा सूजन थी.
AIIMS के डॉक्टरों ने किया चमत्कार
मुनमुन ने कई अस्पतालों के चक्कर काटे, इलाज करवाया लेकिन राहत नहीं मिली. इसके बाद भी दिल में उम्मीद बाकी थी. पीड़ित महिला देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS दिल्ली पहुंचीं. डॉक्टर्स ने उनकी परेशानी के बारे में डिटेल जानकारी ली. मुनमुन के तब तक हुए इलाज का एक-एक पेपर डॉक्टर्स ने बारीकी से देखा. इसके बाद एम्स के डॉक्टर्स ने उनका इलाज शुरू किया.
मुनमुन के पेट से निकाला 19.9 किलो का ट्यूमर
AIIMS दिल्ली के प्रो. डॉ. एम.डी. रे और उनकी टीम ने 12 जनवरी 2026 को दो चरणों में मुनमुन की जटिल सर्जरी कर उनके पेट से 19.9 किलो का ट्यूमर पूरी तरह निकालकर बाहर कर दिया. इस तरह से उनको नई जिंदगी मिल गई. डॉक्टर्स ने 15 जनवरी को मुनमुन की HIPEC सर्जरी की थी. वह अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर में खुशहाल जिंदगी बिता रही है.
कैंसर मरीजों को मिली नई उम्मीद
आमतौर पर स्टेज-IV कैंसर होने के बाद लोग उम्मीद छोड़ देते हैं. लेकिन इस केस की सफलता के बाद इस स्टेज के कैंसर से जूझ रहे लोगों को एक नई उम्मीद मिली है. वहीं एम्स अस्पताल में डॉक्टर का भी कहना है कि आज के दौर में स्टेज-IV कैंसर का भी इलाज संभव है. एम्स दिल्ली के डॉक्टर्स ने जो कर दिखाया है, इससे न जाने कितने नाउम्मीद मरीजों को उम्मीद की नई किरण मिली है. उनके मन में अब ये विश्वास जागने लगा है कि वह भी इस स्टेज के कैंसर से जंग जीत सकते हैं.














