यात्रियों को टरमैक पर छोड़ने के बाद, गो फर्स्ट का डैमेज कंट्रोल; पैसेंजर्स को फ्री टिकट की पेशकश

कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली उड़ान संख्या जी8-116 के उड़ान भरने से पहले यात्रियों की जांच के दौरान लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई इस स्थिति के लिए हम माफी मांगते हैं.

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नई दिल्ली:

बेंगलुरु हवाईअड्डे पर सोमवार को 55 यात्रियों को टरमैक पर छोड़ने की घटना के बाद अब गो फर्स्ट एयरलाइन की तरफ से डैमेज कंट्रोल के प्रयास किए जा रहे हैं. एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगी है. साथ ही पैसेंजर्स को फ्री एयरलाइन टिकट की भी पेशकश की गयी है. गो फर्स्ट ने कहा कि इस मामले से प्रभावित सभी यात्रियों को अगले 12 माह में घरेलू मार्ग पर उड़ान का एक टिकट नि:शुल्क दिया जाएगा. इसके साथ ही कंपनी ने मामले की जांच शुरू कर दी है. एयरलाइन कंपनी ने इस मामले की जांच के आदेश देते हुए घटना से जुड़े सभी कर्मचारियों कार्यक्रम सारिणी (रोस्टर) से हटा दिया है.

कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली उड़ान संख्या जी8-116 के उड़ान भरने से पहले यात्रियों की जांच के दौरान लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई इस स्थिति के लिए हम माफी मांगते हैं. कंपनी ने यह भी कहा कि यात्रियों को दूसरी उड़ानों से दिल्ली और उसके बाद उनके गंतव्य स्थलों के लिए रवाना कर दिया गया.

गौरतलब है कि एयरलाइन का यह कदम तब आया जब यात्रियों ने अपने "खराब" अनुभव को ट्वीट किया था. कई लोगों ने घोषणा की थी कि वे दोबारा गो फ़र्स्ट फ़्लाइट नहीं ले रहे हैं. डीजीसीए को टैग करते हुए एक यात्री श्रेया सिन्हा ने ट्वीट किया था कि  " गो फर्स्ट एयरवेज के साथ सबसे भयानक अनुभव रहा. सुबह 5:35 बजे विमान के लिए बस में चढ़े. 6:30 बज रहे हैं, अभी भी 50 से अधिक यात्री बस में ही हैं. विमान G8 116 ने 50+ यात्रियों को छोड़कर उड़ान भरी. लापरवाही की हद है."

बताते चलें कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भी बेंगलुरु हवाईअड्डे पर एक यात्री कोच में सवार 55 यात्रियों को लिए बगैर ही विमान रवाना हो जाने के मामले में  गो फर्स्ट को मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

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