- नसीरुद्दीन शाह ने जामिया के छात्रों का समर्थन करते हुए खुद को प्राउड दिमागी नक्सल बताया था
- केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने नसीरुद्दीन के इस बयान को भारत के लोकतंत्र के लिए विनाशकारी करार दिया
- अभिनेता पुनीत इस्सर ने कहा कि नसीरुद्दीन केवल वामपंथी और नक्सल समर्थक विचारधारा से ही प्रतिक्रिया देते हैं
बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह खुद को एक प्राउड दिमागी नक्सली बताकर विवादों में घिर गए हैं. उन्होंने छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार की आलोचना की थी और खुद को प्राउड दिमागी नक्सल बताया था. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, नितेश राणे समेत अन्य लोग इस बयान के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं. किरण रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मुझे तो लगा था कि नसीरुद्दीन एक ऑर्डिनरी एक्टर हैं, मैं उसका सम्मान करता था और उनको पसंद करता था. मुझे कभी नहीं पता था कि वह एक खतरनाक अर्बन दिमागी नक्सली थे.उनके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला, यह भारत के लोकतंत्र के लिए बहुत ही विनाशकारी है.
पुनीत इस्सर ने की नसीरुद्दीन शाह की आलोचना
वहीं एक्टर पुनीत इस्सर ने नसीर की आलोचना करते हुए कहा कि वह हमारे सीनियर हैं, हमारे शिक्षक रहे हैं, उनका सम्मान है. वह बहुत बेहतरीन कलाकार हैं, लेकिन मेरा बस इतना कहना है कि जब आप अपनी बात रखते हैं, तो आपको चुनिंदा नहीं होना चाहिए. दुनिया और भारत से जुड़े कितने ही मुद्दों पर आप एक मूक दर्शक की तरह चुप बैठे रहते हैं. आप सिर्फ एकतरफा, वामपंथी और नक्सल-समर्थक विचारों को चुनते हैं और हर बात पर उसी विचारधारा के नजरिए से रिएक्ट करते हैं.
आपको सरकार पसंद नहीं तो खुद चुनाव लड़ें
पुनीत ने कहा कि इन 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग और JNU के लोगों को ही देख लीजिए. जब हमारे देश के दोषी अपराधियों और जेल में बंद आतंकवादियों की बात आती है, तो ये लोग उनकी रिहाई की बात उठाते हैं और उनके पक्ष में बोलते हैं. उन्होंने नसीरुद्दीन से कहा कि अगर वह ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, तो फिर भारतीय होने का क्या मतलब. आपको अपने विचार रखने और सरकार के खिलाफ बोलने का पूरा अधिकार है. लेकिन अगर आपको सत्ता में आई सरकार पसंद नहीं तो आप राजनीतिक मैदान में उतरें, चुनाव लड़ें, जीतें और इस सरकार को हराएं. यह सरकार कोई मनमाने ढंग से सत्ता में नहीं आ गई है. देश की जनता ने इसे चुना और चुनकर सत्ता में भेजा है.
मंत्री नितेश राणे का नसीरुद्दीन पर हमला
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने भी नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, 'देखिए, बात यह है कि नसीरुद्दीन शाह एक मेंटली नक्सली हैं. उन्हें पाकिस्तान की स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए पैसे मिलते हैं. अब फिल्मों में तो उनके पास ज्यादा काम बचा नहीं है. पहले जाकर उनसे यह तो पूछिए कि वे दिन में कितने घंटे होश में रहते हैं, इसके बाद ही उनको गंभीरता से लेना शुरू किया जाए.
नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था?
नसीरुद्दीन ने मंगलवार को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट में गुस्सा जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने और देश के युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश कर रही है. उन्होंने इस दौरान 'दिमागी नक्सल' लिखा एक बैज भी लगा रखा था, जिसे उन्होंने कैमरे के सामने दिखाया.उन्होंने कहा कि मैं गर्व से घोषणा करता हूं कि मैं ‘दिमागी नक्सल' हूं. मुझे नहीं पता कि पहरेदारों ने मेरे जैसे लोगों को और कौन-कौन से उपनाम दिए हैं, राष्ट्रविरोधी, ‘टुकड़े-टुकड़े' गैंग और न जाने क्या-क्या.मैं इस सरकार से एक सवाल पूछना चाहता हूं. हमारे देश के युवाओं का हौसला तोड़ने, शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए आप और क्या करेंगे? आप कितना करेंगे? आप कहां तक जाएंगे?.
बता दें कि उन्होंने जुलाई में नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन से निपटने के सरकार के तरीके की भी आलोचना की थी. उन्होंने पिछले हफ्ते सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के छात्रों का भी समर्थन किया था, जो परिसर में हिंसक घटनाओं के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं.
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