महाराष्ट्र में दो वर्षों में 93,940 महिलाएं लापता; विधानसभा में गृह विभाग की चौंकाने वाली जानकारी

महाराष्ट्र जैसे बड़े और शहरीकरण की ओर तेजी से बढ़ते राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तर पर बड़ा विषय बनता जा रहा है.

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महिलाओं के लापता होने से राज्य में चिंता बढ़ी है. (AI तस्वीर)
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  • महाराष्ट्र विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 2024 और 2025 में कुल 93,940 महिलाएं लापता हुईं
  • वर्ष 2024 में 45,662 महिलाएं लापता हुईं जिनमें से 30,877 को खोजा गया और 2025 में 48,278 में से 36,581 बरामद
  • दो वर्षों में कुल 23,429 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं जिनमें से 18,770 का पता लगाया गया
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महाराष्ट्र विधानसभा में पेश आंकड़ों ने राज्य में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामलों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है. मुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले गृह विभाग ने 2024 और 2025 के आंकड़े सदन में प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में कुल 93,940 महिलाएं लापता हुईं. सरकार के अनुसार इनमें से 67,458 महिलाओं का पता लगा लिया गया है, जो लगभग 71.8 प्रतिशत रिकवरी रेट दर्शाता है.

विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार वर्षवार आंकड़े: 2024 और 2025

  • 2024 में 45,662 महिलाएं लापता हुईं, जिनमें से 30,877 (लगभग 67.6%) को खोज लिया गया.
  • 2025 में 48,278 महिलाएं लापता हुईं, जिनमें से 36,581 (लगभग 75.7%) को बरामद किया गया.
  • दोनों वर्षों को मिलाकर कुल 93,940 मामलों में 67,458 महिलाओं को पुलिस ने ढूंढ निकाला.

नाबालिग लड़कियों के मामले भी चिंताजनक, आंकड़ों के मुताबिक:

  • 2024 में 11,313 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं, जिनमें से 8,475 (74.9%) को खोज लिया गया.
  • 2025 में 12,113 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं, जिनमें से 10,295 (84.9%) को बरामद किया गया.

दो वर्षों में कुल 23,429 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं, जिनमें से 18,770 का पता लगाया गया, जो 80.1 प्रतिशत का रिकवरी रेट दर्शाता है.

प्रमुख शहरी क्षेत्रों में स्थिति

मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे क्षेत्रों में 2024-25 के दौरान 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 4,989 बच्चे लापता हुए. इनमें से 4,813 (करीब 96%) को खोज निकालने में पुलिस को सफलता मिली.

‘ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी कार्रवाई

  1. गृह विभाग ने बताया कि जुलाई 2015 से दिसंबर 2024 के बीच 13 चरणों में ‘ऑपरेशन मुस्कान' चलाया गया, जिसके तहत 41,193 नाबालिग बच्चों को खोजा गया.
  2. यह अभियान भारत सरकार के गृह मंत्रालय की देशव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य लापता बच्चों को ढूंढना, उनका पुनर्वास करना और परिवार से पुनर्मिलन सुनिश्चित करना है.
  3. फिलहाल ‘ऑपरेशन मुस्कान' का 14वां चरण जारी है. 16 फरवरी तक 1,401 नाबालिगों (454 लड़के और 947 लड़कियां) को खोजा जा चुका है.

सरकार का दावा और राजनीतिक प्रतिक्रिया

  1. सरकार का कहना है कि लापता मामलों की संख्या बढ़ी जरूर है, लेकिन खोज और पुनर्प्राप्ति दर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है. गृह विभाग का दावा है कि पुलिस तंत्र को तकनीकी संसाधनों से सशक्त किया गया है और विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं.
  2. हालांकि, विपक्षी दलों ने इन आंकड़ों को लेकर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं और व्यापक नीति व जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
  3. महाराष्ट्र जैसे बड़े और शहरीकरण की ओर तेजी से बढ़ते राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तर पर बड़ा विषय बनता जा रहा है. अब देखना होगा कि सरकार घोषित अभियानों और बढ़ते रिकवरी रेट के जरिए जमीनी हकीकत में कितना सुधार ला पाती है.

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