91,287 KM से 1,46,572 KM तक... 12 साल में नेशनल हाइवे का नेटवर्क कितना बढ़ा?

सरकार के आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2014 तक देश में नेशनल हाइवे की लंबाई 91,287 किलोमीटर थी. दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा हो गई.

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12 साल में नेशनल हाइवे का नेटवर्क कितना बढ़ा, जान लीजिए
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  • भारत का कुल सड़क नेटवर्क 63.73 लाख किलोमीटर से ज्यादा है, जो अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है
  • 2014 में हाई स्पीड कॉरिडोर की लंबाई 93 किलोमीटर थी, जो दिसंबर 2025 तक 3,052 किलोमीटर तक बढ़ गई है
  • 2015-16 में रोजाना औसतन 16.6 किलोमीटर हाइवे बनते थे, जो 2024-25 तक बढ़कर लगभग 30 किलोमीटर प्रतिदिन हो गया है
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नई दिल्ली:

इंसान कभी पगडंडियों पर चलता था. फिर सड़कें बनाने लगा. साम्राज्यों के दौर में इन सड़कों को ताकत के तौर पर देखा जाता था. बाद में सड़कें बनीं ताकि व्यापार हो सके. फिर औद्योगिक क्रांति हुई और सड़कों का निर्माण तेजी से हुआ. यही सड़कें आज किसी भी देश की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है. क्योंकि अर्थव्यवस्था की रीढ़ सड़क ही होती है. 

1947 में जब आजादी मिली थी, तब भारत में नेशनल हाइवे की लंबाई 21,378 किलोमीटर थी. दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से ज्यादा हो गया है. सड़क-परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि 2014 तक देशभर में नेशनल हाइवे का नेटवर्क 91,287 किलोमीटर था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,46,572 किलोमीटर हो गया है. यानी 2014 के बाद से नेशनल हाइवे का नेटवर्क 60% से ज्यादा बढ़ा है. 

कितना बड़ा है भारत का रोड नेटवर्क?

सड़क-परिवहन मंत्रालय की 2025-26 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सड़कों का जाल 63.73 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा का है. अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क भारत में ही है.

भारत में सड़कों के जाल को तीन हिस्सों में बांटा जाता है. पहला- नेशनल हाइवे. दूसरा- स्टेट हाइवे. और तीसरा- अन्य सड़कें. 63.73 लाख किलोमीटर के नेटवर्क में 1.46 लाख किमी नेशनल हाइवे और 1.78 लाख किमी स्टेट हाइवे है. 

रिपोर्ट बताती है कि 2014 तक देश में हाई स्पीड कॉरिडोर या एक्सप्रेसवे की लंबाई सिर्फ 93 किलोमीटर थी. अब यह बढ़कर 3,052 किलोमीटर हो गई है. इसी तरह 2014 तक 4 लेन या उससे ज्यादा के नेशनल हाइवे की लंबाई 18,371 किमी थी जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 48,568 किमी हो गई है. 

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मोदी सरकार में हाइवे के निर्माण में भी काफी तेजी आई है. 2015-16 तक देश में हर रोज औसतन 16.6 किमी हाइवे बन रहे थे. 2024-25 तक यह बढ़कर 29.2 किमी प्रति दिन हो गया. यानी अब हर दिन औसतन 30 किलोमीटर का हाइवे बनकर तैयार हो जा रहा है. हर साल हजारों किलोमीटर लंबे हाइवे बन रहे हैं.

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