कुवैत में एक दर्दनाक हादसे में जम्मू कश्मीर के 5 लोगों की मौत हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ये मामला केंद्र सरकार के सामने उठाते हुए उनके शवों को वापस भारत लाने में मदद की अपील की है. उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश मंत्रालय से इस मामले को प्रायोरिटी पर देखने का अनुरोध किया है.
कुवैत के एक हाईवे पर दो गाड़ियों की भीषण टक्कर में इन पांचों की मौत हो गई है. इनमें से एक जम्मू कश्मीर के राजौरी के थन्नामंडी का और बाकी चार पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके के रहने वाले थे. इनमें फरीद अहमद, सरफराज अहमद, मोहम्मद खालिद, मुख्तार अहमद शामिल हैं. ये सभी मजदूरी करने के लिए कुवैत गए थे. उनकी मौत की खबर से इलाके में मातम पसर गया है. परिजन गहरे सदमे में हैं.
पीड़ित परिवारों ने उनके शवों को वापस भारत लाने के लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है. परिजनों का कहना है कि वो पैतृक गांव में इन लोगों का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं. ऐसे में सरकार राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करके त्वरित कदम उठाए.
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से बड़ी संख्या में लोग बेहतर रोजगार खासकर मजदूरी के लिए कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में जाते हैं. वहां से अपने परिवारों के लिए गांवों में पैसे भेजते हैं.
कश्मीर से बहुत से छात्र ईरान में पढ़ाई के लिए भी जाते हैं. लेकिन इस वक्त जंग के वजह से छात्रों की पढ़ाई और कश्मीरी हस्तशिल्प निर्यातकों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
ईरान में जारी युद्ध के बीच हाल ही में 1200 से अधिक कश्मीरी छात्रों को निकालकर लाया गया था. इनमें अधिकतर एमबीबीएस छात्र थे. अधिकतर छात्र अजरबैजान के रास्ते लौटे थे. ईरान के कोम और इस्फहान शहर में बहुत से कश्मीरी छात्र रहते हैं.














