गौहत्या के 3 दोषियों को मिली कठोर सजा, बचने के लिए दी थी दलील- घर में बुजुर्ग मां-बाप हैं

नूंह में सितंबर 2020 के गौहत्या से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 5 साल की जेल और 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • हरियाणा के नूंह जिले में गौहत्या के मामले में तीन आरोपियों को पांच साल की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई गई है
  • मामला सितंबर 2020 का था, जिसमें पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग दो सौ किलो गोमांस बरामद किया था
  • अदालत ने दोषियों की गरीबी और बुजुर्ग माता-पिता होने की दलीलों को अपराध की गंभीरता के कारण खारिज कर दिया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नूंह:

हरियाणा के नूंह जिले में गौहत्या के मामले में अदालत ने तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए उन्हें 5 साल जेल की सजा सुनाई है. मामला सितंबर 2020 का है और इस पर अदालत ने अब फैसला सुनाया है. कोर्ट ने दोषियों को 5 साल की जेल और 75 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है. जुर्माना न चुकाने पर दोषियों को 6 महीने की जेल की सजा और काटनी होगी.

कोर्ट ने जिस मामले में फैसला सुनाया है, वो 3 सितंबर 2020 का है. मामला नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका के सकरास गांव के पास का था. गौहत्या और प्रतिबंधिंत मांस रखने के आरोप में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. 

क्या था पूरा मामला?

इस मामले में पुलिस ने आसिफ, आस मोहम्मद और एजाज को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में अख्तर नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसकी मौत हो गई. इसके बाद 15 अक्टूबर 2024 को उसके खिलाफ कार्रवाई खत्म कर दी गई थी.

आरोपियों के पास से लगभग 200 किलो गोमांस, एक तराजू, लकड़ी का टुकड़ा, चाकू और कुल्हाड़ी बरामद की गई थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने गौहत्या की और गोमांस बेचने की फिराक में थे. 

आरोपियों ने बुजुर्ग माता-पिता की दी दलील

तीनों दोषियों ने सुनवाई के दौरान बचने के लिए कई तरह की दलीलें दीं. उन्होंने गरीबी और बुजुर्ग माता-पिता होने का हवाला दिया. ये भी दलील रखी कि वो पहले किसी मामले में दोषी करार नहीं दिए गए हैं. लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उनकी सारी दलीलों को खारिज कर दिया. 

अदालत ने तीनों दोषियों को हरियाणा गौवंश संरक्षण और गौसंवर्धन कानून के तहत सजा सुनाई. एडीजे शशि चौहान की कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी न केवल गोहत्या में शामिल थे, बल्कि 200 किलो गोमांस बेचने के लिए तैयार रखा था, जो कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध है.

Advertisement

(ताहिर हुसैन की रिपोर्ट)

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | डिबेट में राष्ट्रगीत गाने का अल्टीमेटम, Maulana Rashidi को लगी मिर्ची! Bageshwar