Pradosh Vrat 2026: नवंबर में कब-कब हैं प्रदोष व्रत? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और विधि

पंचांग के अनुसार अब कार्तिक का महीना शुरू हो गया है और सभी भक्त इस माह के प्रदोष व्रत का इंतजार कर रहे हैं. प्रदोष व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नवंबर में कब है प्रदोष व्रत?
Photo Credit: NDTV

Pradosh Vrat 2026: हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत खास महत्व रखता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. साथ ही समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है. पंचांग के अनुसार अब कार्तिक का महीना शुरू हो गया है और सभी भक्त इस माह के प्रदोष व्रत का इंतजार कर रहे हैं. प्रदोष व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. आइए जानते हैं दोनों प्रदोष व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि.

शुक्र प्रदोष व्रत

हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष काल को देखते हुए प्रदोष व्रत 6 नवंबर को रखा जाएगा. साथ ही ये व्रत शुक्रवार को पड़ रहा है इसलिए ये शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में सभी भक्त भोलेनाथ की पूजा कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें: धनतेरस पर धनिया क्यों खरीदते हैं? जानें पूजा के बाद धनिया के बीजों का क्या करें

रवि प्रदोष व्रत 2026

हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 22 नवंबर को सुबह 4 बजकर 56 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 23 नवंबर को रात 2 बजकर 36 मिनट पर होगा. ऐसे प्रदोष काल को देखते हुए प्रदोष व्रत 22 नवंबर को रखा जाएगा. ये व्रत रविवार को पड़ रहा है इसलिए ये रवि प्रदोष व्रत कहलाएगा. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 4 बजकर 59 मिनट से 7 बजकर 37 मिनट तक रहेगा.

Advertisement

प्रदोष व्रत की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. 
  • इसके बाद पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें.
  • सबसे पहले शिवलिंग का जल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करें. 
  • इसके बाद भगवान शिव को चंदन लगाएं और बेलपत्र, फूल तथा धतूरा अर्पित करें. 
  • पूजा में शक्कर और घी से बनी मिठाई का भोग भी लगाना शुभ माना जाता है.
  • इसके बाद भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें. 
  • प्रदोष व्रत की कथा पढ़ने के बाद घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें. 
  • दिनभर उपवास रखते हुए मन में भगवान शिव का स्मरण करते रहें.

यह भी पढ़ें: क्या कार्तिक स्नान में रोज सिर धोना जरूरी है? जानें कार्तिक स्नान के क्या हैं नियम

यह भी पढ़ें: स्वास्तिक कैसे बनाया जाता है? जानिए दिवाली पर स्वास्तिक बनाने का सही तरीका

Advertisement
Featured Video Of The Day
साइकिल पर दुनिया घूमने वाला भारतीय, 191 देशों के बाद अब निकला देश को जोड़ने
Topics mentioned in this article
Pradosh Vrat 2026
Faith News

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं