Avoid 8 things during Jyeshtha Amavasya: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास की अमावस्या का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है क्योंकि इस दिन पितरों की पूजा, स्नान-दान आदि के साथ वट सावित्री व्रत और शनि जयंती जैसे बड़े पर्व की पूजा और व्रत किए जाते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन किए जाने वाले श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान से जहां पितर तृप्त होकर अपना आशीर्वाद बरसाते हैं, वहीं वट सावित्री की पूजा से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है. इसी प्रकार इस दिन की जाने वाली पूजा से शनि ग्रह से जुड़ी सभी बाधा दूर होती है, लेकिन इन सभी पूजा-पाठ के साथ जेठ महीने की अमावस्या पर कुछेक नियम भी बताए गये हैं, जिनकी अनदेखी करने पर सुख-सौभाग्य की जगह इंसान को दुख-दुर्भाग्य का सामना करना पड़ता है. आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर हमें कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए.
1. हिंदू मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या का दिन पितरों की पूजा के लिए समर्पित होता है. ऐसे में इस दिन श्राद्ध, तर्पण आदि के जरिए उन्हें तृप्त करने का प्रयास करना चाहिए न कि उनकी आलोचना या फिर उन्हें कोसना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन पितरों की उपेक्षा या आलोचना करने पर व्यक्ति को पितरों का कोप झेलना पड़ता है.
2. हिंदू मान्यता के अनुसार व्यक्ति को तन और मन से पवित्र रहना चाहिए. इस दिन भूलकर भी बगैर स्नान के न रहें और न ही अपने घर को गंदा रखें अन्यथा नकारात्मक उर्जा के चलते तमाम तरह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं.
3. अमावस्या वाले दिन तमाम तरह के नियमों के साथ खान-पान का भी संयम करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर व्यक्ति को सभी तामसिक चीजों जैसे मांस, मदिरा आदि का भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए.
4. हिंदू मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा सक्रिय हो जाती है. ऐसे में व्यक्ति को भूलकर भी निर्जन या फिर अंधेरे वाले स्थान पर नहीं जाना चाहिए. इस दिन ऐसे भवन में बिल्कुल नहीं जाना चाहिए जो लंबे समय से बंद रहा हो.
5. हिंदू मान्यता के अनुसार दुख-दुर्भाग्य और नकारात्मक फल से बचने के लिए व्यक्ति को ज्येष्ठ मास की अमावस्या वाले दिन भूलकर भी देर तक नहीं सोना चाहिए.
6. हिंदू मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या वाले दिन व्यक्ति को काम-क्रोध से बचते हुए लोगों के साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए. अमावस्या के दिन भूलकर भी किसी को अपशब्द न कहें और न ही किसी के साथ विवाद करें.
7. ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर शनि जयंती का भी महापर्व मनाया जाता है जो कि मजदूर वर्ग और दिव्यांग का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में इस दिन भूलकर भी किसी दिव्यांग या मजूदर वर्ग से जुड़े व्यक्ति को न सताएं.
8. ज्येष्ठ मास की अमावस्या वाले दिन व्यक्ति को दाढ़ी, बाल, नाखून आदि नहीं कटवाना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन इन सभी कार्यों को करने पर बड़ा दोष लगता है.
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9. हिंदू मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर नुकीली और धारदार चीजें जैसे चाकू, कैंची, सुई आदि का प्रयोग करने से बचना चाहिए.
10. हिंदू मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या के दिन किसी भी प्रकार के शुभ कार्य या फिर नये काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.














