कान्हा का आंगन है वृंदावन, जहां के 10 मंदिरों में हर पल बरसती है भगवान कृष्ण की कृपा

Janmashtami 2025​​​​​​​: भगवान श्री कृष्ण का जन्म भले ही मथुरा में हुआ था लेकिन देश भर में उनसे जुड़े कई पावन धाम हैं. श्री कृष्ण से जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों में वृंदावन का क्या महत्व है? किन मंदिरों में दर्शन किए बगैर आपकी वृंदावन यात्रा अधूरी है? आइए ब्रज के इस पावन धाम के बारे में विस्तार से जानते हैं.

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वृंदावन के 10 प्रसिद्ध मंदिर
File Photo

Lord Krishna Famous Temples in Vrindavan: देश भर में कई ऐसे कृष्ण मंदिर हैं, जिन पर पर कान्हा के भक्तों की आस्था टिकी हुई है, लेकिन उनमें यदि वृंदावन की बात की जाए तो यह कान्हा की प्रमुख लीला स्थली रही है. वृंदावन को भगवान श्री कृष्ण का आंगन भी कहा जाता है क्योंकि यहीं पर उन्होंने ग्वाल-बालों के साथ माखन चोरी से लेकर कालिया नाग मर्दन जैसी लीलाएं की थीं. आइए जन्माष्टमी के पावन पर्व पर वृंदावन के उन 10 पावन धाम के बारे में जानते हैं, जहां आज भी कृष्ण की कृपा बरसती है. 

1. बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन

वृंदावन जाने वाले हर व्यक्ति की कामना होती है कि वह बांके बिहारी के दर्शन किये बगैर न लौटे क्योंकि यह वृंदावन के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. यहां भगवान श्री कृष्ण की काले रंग बेहद आकर्षक प्रतिमा है, जिसके दर्शन के लिए हर दिन श्रद्धालुओं की यहां पर लंबी कतारें लगती हैं. 

2. राधा रमण मंदिर 

बांके बिहारी के दर्शन के बाद अक्सर तमाम भक्त राधा रमण में उनके ​दर्शन के लिए जाते हैं. राधा रमण का अर्थ है राधा जी को प्रसन्न करने वाला. यहां भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा रानी की भी प्रतिदिन विशेष पूजा की जाती है. इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की शालिग्राम पत्थर वाली अनोखी प्रतिमा है. 

3. प्रेम मंदिर

प्रेम मंदिर वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण और राधा जी के अनन्य प्रेम का प्रतीक माना जाता है. सफेद संगमरमर पत्थरों से बने इस मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज द्वारा 2001 में करवाया गया था. रात्रि के समय विभिन्न रंगों वाली लाइट में इसकी छटा देखते ही बनती है. 

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4. मदन मोहन मंदिर

यमुना ​किनारे परिक्रमा मार्ग पर स्थित यह मंदिर वृंदावन का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है. मान्यता है कि इसका निर्माण 16वीं शताब्दी में हुआ था. एक उंचे टीले पर लाल रंग के पत्थरों से बना मदन मोहन मंदिर बांके बिहारी मंदिर के पास है.  

5. गोविंद देव जी मंदिर

लाल बलुआ पत्थरों से बना गोविंद मंदिर भी वृंदावन के प्राचीन मंदिरों में से एक है. इसे जयपुर के राजा मानसिंह ने बनवाया था. मान्यता है कि मुगल काल में औरंगजेब ने इसकी सात मंजिलों को तुड़वा दिया था. 

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6. रंगजी मंदिर

वृंदावन का यह एक विशाल मंदिर है, जहां जाने पर आपको दक्षिण की वास्तु कला के दर्शन होंगे. इस मंदिर को लक्ष्मीचंद्र के भाई सेठ राधाकृष्ण और गोविंददास ने बनवाया था. बेहद खूबसूरत इस मंदिर को बनाने में उस समय सात साल लगे थे.

7. इस्कॉन मंदिर

वृंदावन में देशी-विदेशी कृष्ण भक्तों का यह प्रमुख केंद्र है. वृंदावन के इस इस्कॉन मंदिर स्थापना 1975 में हुई थी. सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर भी प्रेम मंदिर की तरह बेहद खू​बसूरत हैं. मंदिर के भीतर कृष्ण-बलराम की मूर्ति देखते ही बनती हैं. यहां हर दिन हजारों की संख्या में कृष्ण भक्त दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं. 

8. श्री जुगल किशोर जी मंदिर

जुगल किशोर मंदिर भी वृंदावन के अति प्राचीन मंदिरों में से एक है. यहां पर राधा और श्रीकृष्ण की एक पत्थर पर बनी प्रतिमा के दर्शन होते हैं. राधा-कृष्ण के जुगल स्वरूप को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पर पहुंचते हैं. लोगों की मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है. 

9. शाहजी मंदिर वृंदावन

इस मंदिर को लोग छोटे राधा रमण मंदिर के नाम से भी जानते हैं. शाह जी मंदिर का निर्माण लखनऊ के रईस शाह बिहारी के पुत्र शाह कुंदल लाल ने बनवाया था. इस मंदिर में कुछ खंबे सांप के आकार के टेढ़े-मेढ़े हैं, जिसके चलते लोग इसे टेढ़े खंबों वाले मंदिर के रूप में भी जानते हैं. 

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10.श्री राधा गोपीनाथ जी मंदिर

यमुना किनारे स्थित श्री राधा गोपीनाथ मंदिर वृंदावन के प्राचीन मंदिरों में से एक है. यहां पर राधा-कृष्ण के साथ राधा रानी की छोटी बहन अनंग मंजरी और उनकी सखी ललिता और विशाखा की मूर्तियां भी ​हैं. मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना भगवान श्री कृष्ण के प्रपौत्र ने की थी. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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