10 Mahavidya Ka Bhog Aur Mantra: शक्ति की साधना के लिए नवरात्रि की पूजा अत्यंत ही शुभ मानी गई है, लेकिन यह तब और अधिक फलदायी हो जाती है, जब यह माघ मास के शुकलपक्ष में पड़ती है और माघ गुप्त नवरात्रि कहलाती है. माघ के महीने में पड़ने वाली इस पावन गुप्त नवरात्रि में 9 दुर्गा की बजाय 10 महाविद्या की साधना और आराधना करने का विधान है. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि शक्ति साधना के इन 9 दिनों में यदि 10 महाविद्या की विधि-विधान से पूजा की जाए तो शीघ्र ही देवी कृपा बरसती है और साधक को मनचाहे फल की प्राप्ति होती है. आइए देवी दुर्गा के 10 पावन स्वरूपों की पूजा का मंत्र और महाभोग के बारे में विस्तार से जानते हैं.
1. मां काली
गुप्त नवरात्रि में मां काली की उग्र और सौम्य दोनों स्वरूप की पूजा की जाती है. देवी की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा में 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' या फिर 'ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते' मंत्र का उत्तर दिशा की ओर जपना चाहिए. मां काली को प्रसन्न करने के लिए साधक को विशेष रूप से खिचड़ी का भोग लगाने का विधान है.
2. मां तारा
गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन मां तारा की पूजा को सफल बनाने के लिए साधक को ‘ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट' मंत्र का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करना चाहिए तथा माता को चावल और चीनी का विशेष रूप से भोग लगाना चाहिए.
3. मां त्रिपुरसुंदरी
मां त्रिपुरसुंदरी जिन्हें श्री विद्या भी माना जाता है, उनकी पूजा में साधक को केसर की खीर का भोग लगकार ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीये नम:' मंत्र का जप अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
4. मां भुवनेश्वरी
गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन साधक संतान सुख और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए मां भुवनेश्वरी की पूजा करते हैं. माता को प्रसन्न करने के लिए इस दिन पूजा में विभिन्न प्रकार के फल का भोग लगाकर ‘ह्रीं भुवनेश्वरीय ह्रीं नम' मंत्र का जप करना चाहिए.
5. मां छिन्न्मस्ता
गुप्त नवरात्रि में मां छिन्न्मस्ता की पूजा में उड़द की दाल से बने पकवान और मिष्ठान अका भोग लगाकर ‘श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैररोचनिए हूं हूं फट स्वाहा' मंत्र का जप करने से शीघ्र ही साधना सफल होती है.
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6. मां त्रिपुर भैरवी
गुप्त नवरात्रि में मां त्रिपुर भैरवी की पूजा में साधक को गुड़ से बने पकवान और मिष्ठान अर्पित करना चाहिए तथा पूजा में ‘ॐ ह्रीं भैरवी क्लौं ह्रीं स्वाहा' मंत्र का अधिक से अधिक जाप करना चाहिए.
7. मां धूमावती
गुप्त नवरात्रि में मां धूमावती की पूजा में विशेष रूप से बड़ा या कचौड़ी बनाकर भोग लगाना चाहिए तथा देवी को प्रसन्न करने के लिए ‘धूं धूं धूमावती दैव्ये स्वाहा' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
8. मां बगलामुखी
गुप्त नवरात्रि में मां बंगलामुखी की पूजा में साधक को पीले रंग की मिठाई जैसे पीले खोआ की बर्फी, बेसन के लड्डू आदि अर्पित करके ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्वदृष्टानां मुखं, पदम् स्तम्भय जिव्हा कीलय, शत्रु बुद्धिं विनाशाय ह्रलीं ॐ स्वाहा' का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
9. मां मातंगी और मां कमला
मां मातंगी और मां कमला की पूजा ‘क्रीं ह्रीं मातंगी ह्रीं क्रीं स्वाहा' और मां कमला को नारियल का भोग लगाकर
‘क्रीं ह्रीं कमला ह्रीं क्रीं स्वाहा' मंत्र का विशेष रूप से जाप करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














