Ganga Dussehra 2026: आज गंगा दशहरा है. हिंदू धर्म में इस पर्व का बेहद खास महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. इसलिए गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है. श्रद्धालु इस दिन गंगा नदी में स्नान कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से गंगा स्नान करने और मां गंगा की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति को अपने गलत कर्मों से मुक्ति मिलती है. हालांकि, गंगा में स्नान करते समय कुछ नियमों के पालन को जरूरी बताया गया है. आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं गंगाजी में स्नान करते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं-
गंगा में प्रवेश करने से पहले करें ये काम
ज्योतिषाचार्य बताते हैं, गंगा नदी में उतरने से पहले हाथ जोड़कर मां गंगा को प्रणाम करना चाहिए. नदी के जल को श्रद्धा के साथ स्पर्श करें और मन में पवित्र भाव रखें. इसके बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनकर गंगा में प्रवेश करें. मान्यता है कि गंगा स्नान केवल शरीर की सफाई नहीं, बल्कि मन की शुद्धि का भी प्रतीक माना जाता है. इसलिए स्नान के समय मन को शांत और सकारात्मक रखना चाहिए.
शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, गंगा स्नान के दौरान 3, 5, 7 या 11 डुबकी लगाना शुभ माना जाता है. आप अपने परिवार के सदस्यों और प्रियजनों के नाम से भी डुबकी लगा सकते हैं.
स्नान के बाद क्या करें?गंगा स्नान पूरा होने के बाद गंगा जल में खड़े होकर सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है. इसके लिए हाथों या तांबे के पात्र का उपयोग किया जा सकता है. इस दौरान मां गंगा का स्मरण करते हुए प्रार्थना करनी चाहिए.
- ज्योतिषाचार्य आगे बताते हैं, गंगा नदी में स्नान करते समय साबुन, शैंपू या किसी रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. गंगा को पवित्र नदी माना जाता है, इसलिए उसकी स्वच्छता बनाए रखना भी हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है.
- इसके अलावा गंगा स्नान के लिए जाने से पहले घर पर स्नान करके जाएं. साफ तन और साफ मन से मां गंगा के दर्शन और स्नान को धार्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है.
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