Chandra Darshan 2026: अगर आज बादलों में छिप जाए चांद तो कब और कैसे करें चंद्र दर्शन की पूजा?  जानें महाउपाय

Chandra Darshan 2026 Puja Vidhi: ज्योतिष में जिस चंद्रमा को मन, माता, सुख-सौभाग्य आदि का कारक माना गया है, उसका प्रत्येक मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया पर दर्शन और पूजन करना अत्यंत ही शुभ माना जाता है. पंचांग के अनुसार चंद्रोदय का समय क्या है? अगर बादलों के कारण चांद न नजर आए तो आज उसकी पूजा कैसे करें? चंद्र दर्शन का महाउपाय जानने के लिए पढ़ें ये लेख. 

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Chandra Darshan 2026: चंद्र दर्शन की पूजा कैसे की जाती है
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Chandra Darshan Kaise Karte Hain: पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि और आज के दिन चंद्र दर्शन का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है. हिंदू धर्म में अमावस्या के बाद निकलने वाले इस चांद के दर्शन और पूजन को अत्यधिक पुण्यदायी और फलदायी माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार जिस प्रकार सूर्योदय के समय सूर्य देवता को देखने से आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है, उसी प्रकार चंद्रोदय के समय चंद्र देवता का दर्शन करने पर मानसिक शांति, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है.

जिस चंद्रमा के दर्शन को अत्यंत ही शुभ माना गया है, वह आज कितने बजे निकलेगा? चंद्र दर्शन की पूजा कैसे करनी चाहिए? अगर बादलों के कारण चांद न नजर आए तो कैसे यह पूजा करनी चाहिए. आइए चंद्र दर्शन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को विस्तार से जानते हैं.  

आज क​ब निकलेगा चांद?

पंचांग के आज सुख-सौभाग्य और मन को मजबूती दिलाने वाले चंद्रमा का उदय सायंकाल 07:00 बजे होगा और यह 07:59 अस्त होगा. ऐसे में चंद्रमा के दर्शन और पूजन के लिए साधकों को लगभग डेढ़ घंटे का समय मिलेगा. 

चंद्र दर्शन की पूजा विधि 

चंद्र दर्शन की पूजा के लिए स्नान-ध्यान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. यदि संभव हो तो सफेद कपड़े पहनकर चंद्र दर्शन की पूजा करें. इसके बाद चंद्रोदय के समय दूर्ध और जल से अर्घ्य दें. इसके बाद चंद्र देवता को चंदन, अक्षत, खीर, सफेद मिठाई आदि अर्पित करें. फिर चंद्र देवता के मंत्र ॐ सों सोमाय नम:' अथवा ‘ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:' का जप करें. पूजा के अंत में चंद्र देवता की आरती करना और अपनी माता का आशीर्वाद लेना बिल्कुल न भूलें. 

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जब चांद न नजर आए तो कैसे करें पूजा?

अगर आज आपके शहर में बादलों के कारण चंद्र देवता के दर्शन न हो पाएं तो आप चंद्र देवता की पूजा करने के लिए एक थाली में चावल से द्वितीया के चांद वाली आकृति बनाएं और उसे किसी चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाकर रखें. आप चाहें तो चावल की जगह थाली में चांदी का सिक्का रखकर भी चंद्रमा की पूजा कर सकते हैं क्योंकि चांदी को चंद्रमा की धातु माना गया है. इसके बाद चंद्र देवता का ध्यान करते हुए उनकी विधि-विधान से पूजा, उनके मंत्रों का जप तथा आरती आदि करें. इसके अलावा आप तकनीक का सहारा लेकर भी चंद्र दर्शन कर सकते हैं. इसके लिए आप जिन शहरों में चंद्र देवता के दर्शन हो रहे हों, वहां पर मोबाइल पर वीडियो काल के जरिए दर्शन करें.

चंद्र दर्शन के लाभ 

हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र दर्शन और पूजन करने पर साधक के सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है. चंद्र देवता के दर्शन से मानसिक सुख, शांति और स्थिरता प्राप्त होती है. चंद्र देवता के दर्शन से व्यक्ति के जीवन से निगेटिविटी दूर होती है और पाजिटिविटी बढ़ती है. सनातन परंपरा में सुख-समृद्धि की कामनाओं से जुड़े तमाम चंद्र दर्शन से जुड़े हुए हैं. ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष होता है या फिर जो लोग मानसिक तनाव से घिरे हुए हों, उनके लिए यह चंद्र दर्शन अत्यंत ही शुभ और लाभप्रद साबित होता है. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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