Apara Ekadashi Vrat Ke 10 Labh: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु की पूजा के लिए एकादशी तिथि को सबसे उत्तम दिन माना गया है जो कि हर महीने में दो बार यानि कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष में पड़ती है. श्री हरि की कृपा बरसाने वाली एकादशी का महत्व तब और भी बढ़ जाता है, जब यह ज्येष्ठ महीने के कृष्णपक्ष में पड़ती है और अपरा या फिर कहें अचला एकादशी कहलाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार जिस एकादशी को भगवान विष्णु ने अपने शरीर से प्रकट किया था, उसके व्रत को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने का क्या लाभ हैं, आइए इसे विस्तार से जानते हैं.
एकादशी व्रत के 10 बड़े लाभ (Ekadashi Vrat Benefits)
1. पौराणिक मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन से जुड़े दुख और दरिद्रता दूर होती है और उसे सुख-समृद्धि के साथ यश एवं कीर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
2. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान श्री विष्णु की पूजा के लिए रखे जाने वाले एकादशी व्रत वाले दिन पीपल की जड़ में जल अर्पित करने पर व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिलती है.
3. सनातन परंपरा में तुलसी जी को विष्णुप्रिया कहा गया है, ऐसे में एकादशी व्रत वाले दिन तुलसी जी की पूजा में यदि कोई व्यक्ति गाय के दूध से बने देशी घी वाला दीया जलाता है, उस पर श्री हरि के साथ माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है और उसे कभी भी धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहती है.
4. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान श्री लक्ष्मीनारायण के लिए रखे जाने वाले एकादशी व्रत से व्यक्ति के जीवन से जुड़े सभी दोष और पिछले जन्म तक के पाप दूर हो जाते हैं.
5. माह में दो बार पड़ने वाली एकादशी पर उपवास करने पर व्यक्ति के पाचन तंत्र को आराम मिलता है, जो कि व्यक्ति को तन के साथ मन से भी स्वस्थ रहने में मददगार साबित होता है.
6. हिंदू मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति भगवान श्री विष्णु की कृपा बरसाने वाले एकादशी व्रत को संतान की कामना लिए हुए करता है, उसे भविष्य में कान्हा के समान सुंदर और स्वस्थ संतान का सुख प्राप्त होता है.
7. हिंदू मान्यता के अनुसार साल भर में पड़ने वाली 24 एकादशी न सिर्फ श्री हरि बल्कि धन की देवी माता लक्ष्मी की कृपा भी बरसाता है. एकादशी व्रत करने वाले साधक पर हर समय लक्ष्मी और नारायण का आशीर्वाद बरतसा है, जिससे उसे कभी भी धन की कमी नहीं होती है.
8. पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित एकादशी व्रत को विधि-विधान से करने वाला साधक सभी सुखों को भोगता हुआ अंत में मोक्ष या फिर कहें विष्णु लोक को प्राप्त होता है.
9. हिंदू मान्यता के अनुसार एकादशी का व्रत न सिर्फ तन को बल्कि मन को भी पवित्र करते हुए उसकी शुद्धि में सहायक साबित होता है. एकादशी व्रत को नियमपूर्वक करने से व्यक्ति के भीतर धैर्य और इंद्रियों पर नियंत्रण करने के गुण का विकास होता है. एकादशी व्रत के शुभ प्रभाव से साधक अपनी शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा को सही दिशा में लगाता है.
10. हिंदू मान्यता के अनुसार एकादशी का व्रत साधक को अच्छी सेहत, लंबी आयु के साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति और मनचाही सफलता प्रदान करता है.














